KNEWS DESK – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणी को निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसी भाषा और आचरण भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी न सिर्फ बेहद निम्नस्तरीय है, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें इससे काफी पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी किसी नेता प्रतिपक्ष को इस तरह का आचरण करते नहीं देखा।
‘ऐसा आचरण कल्पना से परे था’
राजनाथ सिंह ने अपने बयान में पूर्व नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे सुषमा स्वराज और अरुण जेटली जैसे नेता रहे हों या अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी, किसी ने भी राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राहुल गांधी के मन में कितनी भी नाराजगी या राजनीतिक असहमति हो, लेकिन ऐसी अभद्र टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
‘भारत की प्रतिष्ठा का भी अपमान’
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। राजनाथ सिंह के मुताबिक, प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी सिर्फ उनका अपमान नहीं है, बल्कि इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा भी प्रभावित होती है।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि क्या इस तरह के आचरण के बाद पार्टी उन महान नेताओं की विरासत का दावा कर सकती है, जिन्होंने देश के लोकतांत्रिक और राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद की अपनी गरिमा होती है और इस पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार आचरण की उम्मीद की जाती है।
एकनाथ शिंदे ने भी राहुल गांधी को घेरा
राहुल गांधी के बयान को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर विपक्ष की आलोचना को लेकर राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर सवाल उठाए।
शिंदे ने कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक प्रगति पर विपक्ष को गर्व होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश की उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय उनकी आलोचना कर रहा है।
विदेश नीति को लेकर जारी है सियासी घमासान
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने जिस तरह पलटवार किया है, उससे यह मुद्दा अब और गरमा गया है।
आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।