चपरासी से सरकारी बाबू तक का सफर, आलीशान घर-फार्महाउस और लाखों के गहने; सुभाष शर्मा की संपत्ति देख लोकायुक्त भी हैरान

जबलपुर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, पंचायत विभाग के सहायक ग्रेड-2 सुभाष शर्मा के जबलपुर और सिवनी स्थित पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

Knews Desk- मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने पंचायत विभाग के एक सरकारी कर्मचारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र, सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 सुभाष शर्मा के जबलपुर और सिवनी स्थित पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। शुरुआती जांच में उनकी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 543.19 प्रतिशत अधिक संपत्ति का पता चला है। लोकायुक्त के मुताबिक, इस अनुपातहीन संपत्ति का शुरुआती अनुमान करीब 6.5 करोड़ रुपये लगाया गया है।

लोकायुक्त की छापेमारी के दौरान सुभाष शर्मा के ठिकानों से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और अन्य महंगे सामान बरामद किए गए। टीम को करीब 500 ग्राम सोने और 1.25 किलो चांदी के आभूषण मिले हैं। इसके अलावा मकान और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि सुभाष शर्मा ने अपने घर की पहली मंजिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगवा रखी थी। उनके पास जमीन और मकानों में बड़े पैमाने पर निवेश होने की जानकारी भी सामने आई है।

पत्नी के नाम पर भी कई संपत्तियां

लोकायुक्त की शुरुआती जांच में पता चला है कि सुभाष शर्मा ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा जमीन और मकानों में लगाया है। इनमें कुछ संपत्तियां उनकी पत्नी शीला शर्मा के नाम पर दर्ज बताई जा रही हैं। टीम अब इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और उनके खरीदने के स्रोत की जांच कर रही है।

जांच अधिकारियों को पाटन के लाहौरी इलाके में एक फार्महाउस की जानकारी भी मिली है। यहां बारात घर बनाने की तैयारी चल रही थी और निर्माण कार्य शुरू हो चुका था। लोकायुक्त टीम अब इस संपत्ति के निर्माण और निवेश में इस्तेमाल रकम के स्रोत की भी पड़ताल कर रही है।

1989 में शुरू की थी सरकारी नौकरी

बताया गया है कि सुभाष शर्मा ने वर्ष 1989 में सहायक ग्रेड-3 के पद से सरकारी सेवा शुरू की थी। बाद में वह सहायक ग्रेड-2 के पद तक पहुंचे। लंबे सरकारी कार्यकाल के दौरान उनकी आय और अर्जित संपत्तियों का मिलान किया जा रहा है।

लोकायुक्त की जांच में दावा किया गया है कि शर्मा की ज्ञात आय की तुलना में उनकी संपत्ति 543.19 प्रतिशत अधिक पाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह अनुपातहीन संपत्ति करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की है। हालांकि, छापेमारी और दस्तावेजों की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद संपत्ति की वास्तविक कीमत और आय के स्रोत की स्थिति और स्पष्ट होगी।

बैंक खातों की भी होगी जांच

जांच के दौरान लोकायुक्त को सुभाष शर्मा और उनकी पत्नी के बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। बताया गया है कि शर्मा के दो और उनकी पत्नी के चार बैंक खाते हैं। लोकायुक्त टीम संबंधित बैंकों से खातों का विवरण हासिल कर लेन-देन की जांच करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी में मिले दस्तावेजों, नकदी, आभूषण, जमीन-मकान और बैंक खातों से संबंधित जानकारी का मिलान सरकारी सेवा के दौरान प्राप्त आय से किया जाएगा। इसके आधार पर अनुपातहीन संपत्ति के मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत की गई है। मामले में संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *