श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुलह की पहल, सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत में पहुंचेगा मामला

Shri Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Dispute: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह से जुड़े विवाद में आपसी सहमति से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को विशेष लोक अदालत के पास भेजा है। 7 अगस्त को मथुरा में पूर्व-सुलह बैठक रखी गई है, जबकि 21 से 23 अगस्त 2026 के बीच सुप्रीम कोर्ट परिसर में आगे की बैठकें प्रस्तावित हैं।

Knews Desk- मथुरा के बहुचर्चित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में अब बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की पहल शुरू हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को विशेष लोक अदालत के तहत सुलह प्रक्रिया के लिए भेजा है। इस पहल का उद्देश्य दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाकर ऐसा रास्ता तलाशना है, जिस पर आपसी सहमति बन सके।

सुलह प्रक्रिया के तहत 7 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), मथुरा परिसर में पूर्व-सुलह बैठक आयोजित की जानी है। इसमें संबंधित पक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो सकते हैं या वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में शामिल हो सकते हैं।

पूर्व-सुलह बैठक के बाद आगे की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट परिसर में होगी। 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को अंतिम समाधान बैठकों का आयोजन प्रस्तावित है। इन बैठकों में पक्षकारों के बीच विवाद के संभावित समाधान को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी।

लंबे समय से चल रहा है विवाद

यह मामला भगवान श्री लाला कृष्णा विराजमान बनाम अंजुमन इस्लामी, कमेटी ऑफ शाही मस्जिद ईदगाह व अन्य के नाम से दर्ज बताया गया है। मामले की डायरी संख्या 52253/2025 है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह से जुड़े अलग-अलग कानूनी दावों को लेकर लंबे समय से अदालतों में सुनवाई होती रही है।

विशेष लोक अदालत के माध्यम से अब यह प्रयास किया जा रहा है कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ बातचीत और आपसी सहमति की संभावनाओं को भी तलाशा जाए। हालांकि, सुलह तभी संभव होगी जब संबंधित पक्ष किसी साझा समाधान पर सहमत हों।

नोडल अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी

पूरी प्रक्रिया के समन्वय के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव को मुख्य नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। स्थानीय स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा की ओर से संबंधित पक्षों को बैठक और प्रक्रिया की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।

याचिकाकर्ता दिनेश शर्मा ने इस पहल को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक मामला है। यदि बातचीत के जरिए दोनों पक्ष किसी सहमति तक पहुंचते हैं तो इससे वर्षों पुराने विवाद के समाधान का रास्ता खुल सकता है।

अब सभी की नजर 7 अगस्त की पूर्व-सुलह बैठक और उसके बाद 21 से 23 अगस्त के बीच प्रस्तावित बैठकों पर रहेगी। इन बैठकों से यह स्पष्ट हो सकता है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समाधान की कितनी संभावना बनती है।

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