Knews Desk- पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक कथित हनीट्रैप और जासूसी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल के चर्चित ‘रेनेसां कांड’ की जांच के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने झारखंड से अर्पिता सरकार नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए राजनेताओं, वीआईपी और वरिष्ठ अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाकर संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश की जा रही थी। कुछ प्रभावशाली लोगों के अपहरण की साजिश रचे जाने का भी आरोप सामने आया है।
मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए STF और पुलिस की संयुक्त टीम ने झारखंड में छापेमारी की और अर्पिता सरकार को हिरासत में लिया। इसके बाद उसे देर रात बर्धमान पुलिस स्टेशन लाया गया। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके काम करने के तरीके की जानकारी जुटा रही हैं।
आरोप है कि अर्पिता को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों, नौकरशाहों और उनके करीबियों से संपर्क बढ़ाने तथा उन्हें हनीट्रैप में फंसाकर गोपनीय सूचनाएं हासिल करने का काम सौंपा गया था। जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि कुछ नेताओं को निशाना बनाकर उनके अपहरण की योजना तैयार की जा रही थी।
हमीम मंडल पर नेटवर्क चलाने का आरोप
जांच में हमीम मंडल नाम के एक शख्स की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह इस कथित नेटवर्क का प्रमुख सदस्य था और उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI तथा भट्टी गैंग से निर्देश मिल रहे थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमीम को देश के महत्वपूर्ण और वीआईपी इलाकों की रेकी करने, सेना एवं प्रशासन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां जुटाने और उन्हें सीमा पार पहुंचाने जैसे काम दिए गए थे। उस पर नेटवर्क में नए लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी होने का भी आरोप है।
यूपी-बिहार तक नेटवर्क होने की आशंका
जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के दायरे का भी पता लगा रही हैं। शुरुआती जांच में इसके तार पश्चिम बंगाल और झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार तक जुड़े होने की बात सामने आई है। इन राज्यों में मौजूद संदिग्ध संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके साथ ही उन राजनेताओं, अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क के संपर्क में आए थे या जिन्हें भविष्य में निशाना बनाने की योजना थी।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर नेटवर्क की दूसरी कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।