KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश को बड़ी सौगात देते हुए विजयनगरम जिले के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण समेत कई नेता मौजूद रहे।
एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इस एयरपोर्ट को आंध्र प्रदेश के विकास और युवाओं के बेहतर भविष्य से जोड़ते हुए इसे राज्य के लिए एक ‘लॉन्च पैड’ बताया।
‘आंध्र के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्च पैड’
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ के नारे के साथ की। उन्होंने कहा कि आज का दिन आंध्र प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया एयरपोर्ट सिर्फ यात्रियों की सुविधा और कनेक्टिविटी का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आंध्र प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए भी लॉन्च पैड साबित होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि एविएशन, क्लीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर और कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाएं आने वाले समय में राज्य के विकास को नई गति देंगी। उन्होंने आंध्र प्रदेश के युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के युवाओं ने दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
एयरपोर्ट के नामकरण पर भी बोले पीएम मोदी
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में एयरपोर्ट के नामकरण की पुरानी परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय देश में बनने वाले एयरपोर्ट का नाम अक्सर एक ही परिवार से जुड़े लोगों के नाम पर रखा जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने इस परंपरा को बदला है।
उन्होंने अयोध्या और पंजाब समेत अन्य स्थानों का उदाहरण देते हुए कहा कि एनडीए सरकार देश के महापुरुषों और स्थानीय नायकों को सम्मान देने का काम कर रही है। भोगपुरम एयरपोर्ट का नाम स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है।
आधुनिक तकनीक से लैस है एयरपोर्ट
भोगपुरम में बनाया गया यह ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह एयरपोर्ट PPP मॉडल के तहत तैयार किया गया है और इसके निर्माण पर करीब 5,640 करोड़ रुपये की लागत बताई गई है।
एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM), एयरसाइड 4.0 टेक्नोलॉजी, एयरपोर्ट प्रेडिक्टिव ऑपरेशंस सेंटर (APOC), बायोमेट्रिक पैसेंजर प्रोसेसिंग और ऑटोमेटेड बैगेज हैंडलिंग जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया है।
इन तकनीकों का उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ एयरपोर्ट संचालन को ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
सालाना 60 लाख यात्रियों की शुरुआती क्षमता
पहले चरण में भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सालाना करीब 60 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता के साथ विकसित किया गया है। भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसका विस्तार करने की योजना भी तैयार की गई है।
मास्टर प्लान के तहत आने वाले समय में इस एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाकर सालाना चार करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार
भोगपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सिर्फ परिवहन परियोजना के तौर पर नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में भी देखा जा रहा है। उम्मीद है कि एयरपोर्ट से औद्योगिक निवेश, पर्यटन, निर्यात, रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश का सातवां एयरपोर्ट है। यहां से 17 अगस्त से फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू होने की बात कही गई है। नए एयरपोर्ट के शुरू होने से विजयनगरम और आसपास के क्षेत्रों की देश-दुनिया से हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।