Knews Desk- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के तेजस्विन शंकर ने ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 27 वर्षीय तेजस्विन ने पुरुषों के डेकाथलॉन में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इस पदक के साथ प्रतियोगिता में भारत के कुल पदकों की संख्या 23 तक पहुंच गई, जबकि एथलेटिक्स में भारत का यह सातवां मेडल रहा।
डेकाथलॉन को एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धाओं में गिना जाता है, जिसमें खिलाड़ियों को दो दिनों के दौरान कुल 10 अलग-अलग इवेंट में हिस्सा लेना पड़ता है। तेजस्विन ने सभी स्पर्धाओं को मिलाकर कुल 7,976 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
प्रतियोगिता के आखिरी इवेंट 1500 मीटर रेस में तेजस्विन ने 4 मिनट 36.19 सेकंड का समय निकाला, जिससे उन्हें 704 अंक मिले। हालांकि वह ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर और कनाडा के डेमियन वॉर्नर को पीछे नहीं छोड़ सके। विक्टर ने 8,096 अंकों के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा किया, जबकि वॉर्नर ने 8,036 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता।
पहले दिन से दिखाया दम
तेजस्विन ने डेकाथलॉन की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की थी। 100 मीटर दौड़ में उन्होंने 10.96 सेकंड का समय निकालते हुए 870 अंक हासिल किए। इसके बाद लॉन्ग जंप में 7.82 मीटर की पर्सनल बेस्ट छलांग लगाकर उन्होंने 1,015 अंक अपने खाते में जोड़े।
हाई जंप में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। 2.15 मीटर की छलांग के साथ उन्होंने 944 अंक हासिल किए। पहले दिन की स्पर्धाएं खत्म होने तक तेजस्विन के खाते में कुल 4,339 अंक हो चुके थे और वह ओवरऑल दूसरे स्थान पर थे।
दूसरे दिन भी जारी रहा शानदार प्रदर्शन
दूसरे दिन तेजस्विन ने 110 मीटर हर्डल्स में 14.41 सेकंड का समय निकालते हुए 922 अंक जुटाए। इसके बाद डिस्कस थ्रो में उन्होंने 40.44 मीटर का शानदार प्रयास किया, जिससे उनके खाते में 674 अंक और जुड़े।
पोल वॉल्ट में तेजस्विन ने 4.30 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए 702 अंक हासिल किए। वहीं जैवलिन थ्रो में उन्होंने 53.12 मीटर का थ्रो किया, जो उस सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इसके जरिए उन्हें 635 अंक मिले और वह आखिरी इवेंट से पहले तीसरे स्थान पर पहुंच गए।
1500 मीटर रेस के बाद पक्का हुआ ब्रॉन्ज
दो दिनों तक लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में उतरने के बाद आखिरी चुनौती 1500 मीटर दौड़ की थी। थकान के बावजूद तेजस्विन ने शानदार धैर्य दिखाया और रेस पूरी करते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर अपनी मुहर लगा दी। इसी के साथ भारतीय एथलेटिक्स में एक नया इतिहास भी दर्ज हो गया।
तेजस्विन शंकर के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का मंच नया नहीं है। इससे पहले 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब डेकाथलॉन में पदक जीतकर उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का भी लोहा मनवा दिया है। हाई जंप से लेकर दौड़, हर्डल्स, लॉन्ग जंप, पोल वॉल्ट और थ्रोइंग इवेंट्स तक उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में खास मुकाम दिला दिया है।