KNEWS DESK- मानसून के दौरान कई शहरों में जलभराव आम हो जाता है। ऐसे में अगर आपकी कार पानी से भरी सड़क पर चलते-चलते बंद हो जाए, तो घबराने की बजाय सही फैसला लेना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग जल्दबाजी में कार को बार-बार स्टार्ट करने की कोशिश करते हैं, लेकिन यही गलती इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

अगर कार पानी में फंसने के बाद अचानक बंद हो गई है, तो तुरंत इग्निशन ऑफ कर दें और चाबी निकाल लें। इससे इलेक्ट्रिकल सिस्टम को शॉर्ट सर्किट से बचाने में मदद मिल सकती है। यदि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा हो, तो अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और सुरक्षित स्थान पर निकल जाएं।
बार-बार स्टार्ट करना पड़ सकता है भारी
कार बंद होने के बाद उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर इंजन के अंदर पानी पहुंच गया है, तो स्टार्ट करने पर हाइड्रोलॉक की स्थिति बन सकती है। इसमें इंजन के अंदर मौजूद पुर्जों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और मरम्मत का खर्च हजारों से लेकर लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।
पानी बढ़ रहा हो तो तुरंत बाहर निकलें
यदि कार के आसपास पानी तेजी से भर रहा है, तो वाहन के अंदर बैठे रहने की बजाय बाहर निकलना ज्यादा सुरक्षित है। कई बार पानी के दबाव से दरवाजे खुलने में दिक्कत आती है, इसलिए जरूरत पड़ने पर खिड़की का इस्तेमाल करें और किसी ऊंचे एवं सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।
कार को जबरदस्ती चलाने की कोशिश न करें
अगर कार पानी में फंस गई है और खुद बाहर नहीं निकल पा रही है, तो उसे जबरदस्ती स्टार्ट या चलाने की कोशिश न करें। यदि संभव हो तो कार को न्यूट्रल गियर में डालकर सुरक्षित जगह तक धक्का दें। इसके बाद किसी अधिकृत सर्विस सेंटर या भरोसेमंद मैकेनिक से जांच करवाएं।
टोइंग और इंश्योरेंस का लें सहारा
जब कार गहरे पानी में फंस जाए, तो टो ट्रक बुलाना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है। साथ ही, अपनी इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत घटना की जानकारी दें ताकि क्लेम प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके। बिना तकनीकी जांच के वाहन को दोबारा चालू न करें।
कैसे पहचानें कि इंजन में पानी पहुंच गया है?
अगर इंजन ऑयल की डिपस्टिक पर सफेद झाग दिखाई दे या ऑयल का रंग दूधिया नजर आए, तो यह इंजन में पानी जाने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में स्पार्क प्लग या इंजेक्टर की जांच कराना जरूरी है। पूरी तरह जांच और सफाई होने के बाद ही इंजन स्टार्ट करें।
बारिश में कार चलाते समय रखें ये सावधानियां
- जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचें।
- अगर पानी का स्तर टायर के आधे हिस्से से ऊपर हो, तो आगे बढ़ने का जोखिम न लें।
- बारिश के मौसम में समय-समय पर एयर फिल्टर, ब्रेक और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कराते रहें।
- इंजन बंद होने पर बार-बार सेल्फ लगाने से बचें।
- हमेशा अपनी कार का इंश्योरेंस और रोडसाइड असिस्टेंस सक्रिय रखें।
बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी आपकी कार को बड़े नुकसान से बचा सकती है। यदि कार पानी में बंद हो जाए तो घबराने के बजाय सही कदम उठाएं, क्योंकि एक छोटी सी गलती इंजन रिपेयर पर भारी खर्च का कारण बन सकती है। सुरक्षा और समझदारी ही ऐसी परिस्थितियों में सबसे बड़ा बचाव है।