KNEWS DESK- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रही पत्नी पायल अब्दुल्ला ने अपने वैवाहिक संबंध को कानूनी रूप से समाप्त करने का फैसला कर लिया है। दोनों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उनके संयुक्त आवेदन को स्वीकार कर लिया और आपसी सहमति से तलाक की डिक्री जारी करने की अनुमति दे दी।
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गई। उमर अब्दुल्ला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत के जरिए अपने वैवाहिक विवाद का समाधान कर लिया है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए विवाह विच्छेद की डिक्री जारी करे।
मामले की सुनवाई जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति को देखते हुए उमर अब्दुल्ला की अपील का निस्तारण कर दिया। इस फैसले के साथ ही दोनों के बीच वर्षों से लंबित वैवाहिक विवाद का कानूनी अंत हो गया।
1994 में हुई थी शादी
उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला का विवाह वर्ष 1994 में हुआ था। शादी के बाद दोनों के दो बेटे हुए। हालांकि, समय के साथ दोनों के रिश्तों में दूरियां बढ़ती गईं और वे लंबे समय से अलग-अलग रह रहे थे। कई वर्षों से दोनों के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा था, जिसे अब आपसी सहमति से समाप्त कर दिया गया है।
अनुच्छेद 142 के तहत मिली राहत
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को विशेष परिस्थितियों में “पूर्ण न्याय” (Complete Justice) सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अधिकार देता है। इसी प्रावधान का उपयोग करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति को स्वीकार किया और तलाक की डिक्री जारी करने की अनुमति दी।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जब दोनों पक्ष विवाह समाप्त करने पर सहमत हों और विवाद का समाधान स्वयं कर लें, तब सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत लंबी कानूनी प्रक्रिया को कम करते हुए उचित आदेश पारित कर सकता है।
लंबे समय से अलग रह रहे थे दोनों
उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला पिछले कई वर्षों से अलग रह रहे थे। दोनों के बीच वैवाहिक मतभेद पहले भी सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने निजी जीवन को लेकर सार्वजनिक मंचों पर बहुत कम बयान दिए। अब संयुक्त आवेदन के जरिए दोनों ने अपने रिश्ते को औपचारिक रूप से समाप्त करने का फैसला किया।
कौन हैं उमर अब्दुल्ला?
उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा हैं। वह जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले भी वह जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
निजी जीवन पर कानूनी विराम
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के साथ उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला के वैवाहिक संबंधों का कानूनी रूप से अंत हो गया है। दोनों ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि उन्होंने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया है और अब अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं।
यह मामला इस बात का भी उदाहरण माना जा रहा है कि यदि दोनों पक्ष सहमति से विवाद का समाधान कर लें, तो संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट विशेष परिस्थितियों में प्रभावी और त्वरित राहत प्रदान कर सकता है।