असम में बाढ़ से तबाही, राहत-बचाव में जुटे RSS और सेवा भारती के स्वयंसेवक, 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला

Knews Desk- ऊपरी असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट और चराइदेव समेत कई जिले जलमग्न हो गए हैं, जिससे हजारों परिवारों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई गांवों में लोगों के सामने भोजन, स्वच्छ पेयजल, आश्रय और स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट खड़ा हो गया है।

ऐसे मुश्किल समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और सेवा भारती के स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और जरूरी राहत सामग्री वितरित की जा रही है।

बेटबारी क्षेत्र के काकती गांव, डी-गांव, नंबर-2 कुंवर गांव और चेतिया कैवर्त गांव में स्वयंसेवकों ने बचाव अभियान चलाकर 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाया। इस दौरान बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकाला गया।

नावों के जरिए पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

जलमग्न इलाकों में स्वयंसेवक छोटी नावों की मदद से फंसे परिवारों तक पहुंच रहे हैं। वे पका हुआ भोजन, पीने का साफ पानी, दवाइयां, कपड़े और अन्य जरूरी सामान लोगों तक पहुंचा रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्य लगातार जारी है।

शिवसागर जिले के सुंदर पुखुरी, बामुन पुखुरी, गेलेकी और राजाबाड़ी जैसे इलाकों में राहत अभियान चलाया जा रहा है। वहीं जोरहाट जिले के अलेंगमोरा, कतीराम चुक, कुलई चुक, नालिया चुक, सेंचोवा चुक और चारिघरिया चुक में भी जरूरतमंद परिवारों को तिरपाल, बिस्किट, मोमबत्तियां, मच्छर भगाने वाली कॉइल, साबुन, फिटकरी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।

राहत अभियान में शामिल स्वयंसेवकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल आपदा के समय सहायता पहुंचाना नहीं, बल्कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ की भावना के साथ जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े रहना है। बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच वे लगातार प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने में लगे हुए हैं।

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