KNEWS DESK – मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित रैली में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और MNS प्रमुख राज ठाकरे ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए युवाओं की एकजुटता की सराहना की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रविवार को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में एक बड़ी रैली आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए। रैली में दोनों दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया।
उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश के युवाओं ने अपनी एकजुटता और ताकत का परिचय दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को तोड़ने के बजाय देश के विकास और युवाओं के भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है और किसी को भी सरकार के सामने झुकने की आवश्यकता नहीं है।
आंदोलन को बताया नई शुरुआत
उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह किसी चुनाव की जीत नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उनके अनुसार, देशभर के छात्रों और युवाओं ने यह दिखा दिया है कि एकजुट होकर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है। उन्होंने लोगों से इस जनआंदोलन की भावना को आगे भी जीवित रखने की अपील की।
अपने संबोधन के दौरान उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार के कई मंत्रियों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने महंगाई, अर्थव्यवस्था और शिक्षा जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को इन विषयों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, उनकी पीड़ा को समझना आवश्यक है।
‘इस चिंगारी को बुझने नहीं देना’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि छात्रों के आंदोलन ने पूरे देश में नई बहस शुरू की है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें और समाज में जागरूकता फैलाएं। उनके अनुसार, युवाओं की एकता भविष्य में भी बदलाव की बड़ी ताकत बन सकती है।
राज ठाकरे ने छात्रों की भूमिका को सराहा
रैली में राज ठाकरे ने भी छात्रों और युवाओं की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने पूरे देश का ध्यान शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दों की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनभागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
राज ठाकरे ने अपने संबोधन के दौरान उन छात्रों को भी याद किया, जिन्होंने परीक्षा विवादों के बाद अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने उनके सम्मान में एक मिनट का मौन रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने मुंबई पुलिस के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
रैली के दौरान शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में लोग झंडे और बैनर लेकर पहुंचे। कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिली और नेताओं ने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया।