CJP ने खत्म किया जंतर-मंतर का आंदोलन, नड्डा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया बड़ा ऐलान

KNEWS DESK – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद NEET 2026 विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। संविधान क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद संगठन ने जंतर-मंतर पर जारी धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया। CJP ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है, जिसके बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया है।

बैठक के बाद आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में CJP नेता सौरव दास ने कहा कि संगठन की पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने पूरा कर दिया है। उन्होंने बताया कि दूसरी मांग आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर को लेकर थी, जिस पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है।

सौरव दास ने कहा कि सरकार जल्द ही सभी दर्ज एफआईआर की प्रतियां संगठन को उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर इन मामलों से संबंधित दस्तावेज साझा किए जाएंगे और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल किसी भी प्रदर्शनकारी या CJP के आयोजकों के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी भरोसे के आधार पर जंतर-मंतर पर बैठे सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर अपने घर लौटने की अपील की गई है।

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने NEET विवाद से प्रभावित परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग रखी थी। उनके अनुसार, सरकार ने कहा है कि मौजूदा नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत पात्र परिवारों को यथासंभव मानद मुआवजा दिया जाएगा।

रांका ने बताया कि बैठक के दौरान सरकार को पांच सूत्रीय मांग-पत्र भी सौंपा गया, जिसमें परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों के सुझाव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लगभग चार सप्ताह बाद सरकार के साथ फिर बैठक होगी, जिसमें इन सुधारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यदि सरकार इन मुद्दों पर भी सकारात्मक कदम उठाती है, तो आंदोलन को पूरी तरह समाप्त मान लिया जाएगा।

वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP प्रतिनिधियों के साथ लंबी और सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि बैठक में आंदोलन से जुड़े मामलों, एफआईआर, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने, मुआवजे और परीक्षा सुधारों से जुड़े मांग-पत्र पर विस्तार से चर्चा हुई।

जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर की प्रतियां उपलब्ध कराएगी और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील है और नियमों के अनुरूप अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और CJP के बीच हुई इस सहमति को NEET 2026 विवाद के बाद चले लंबे छात्र आंदोलन के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि परीक्षा सुधारों और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर सरकार आगे क्या कदम उठाती है।

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