मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया मामला… वक्त बर्बाद मत करिए’ टिप्पणी पर CJI सूर्यकांत की सफाई

KNEWS DESK- सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने अपनी उस टिप्पणी पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने एक मामले की सुनवाई के दौरान वकील से कहा था, “अपना समय बर्बाद मत करिए और हमारा समय भी बर्बाद मत करिए।” CJI ने कहा कि इस टिप्पणी को मीडिया में गलत तरीके से रिपोर्ट किया गया और ऐसा बताया गया कि उन्होंने मामले को सुनने से इनकार कर दिया, जबकि वास्तविक स्थिति अलग थी।

CJI सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया ने यह रिपोर्ट किया कि उन्होंने मामले को लिस्ट करने से मना कर दिया, जबकि ऐसा नहीं था। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक रिप्रेजेंटेशन था, जिसे बिना पूरी जानकारी के रिपोर्ट किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने रजिस्ट्री से जानकारी ली और पता चला कि इस मामले में कोई औपचारिक याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी। दरअसल, यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा था। बुधवार को इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मेंशन किया गया था। वकील नरेंद्र मिश्रा ने प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और छात्रों से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा था कि कोर्ट के पास इस मामले को देखने का समय नहीं है। उन्होंने वकील से कहा था कि वह अपना और अदालत का समय बर्बाद न करें। वकील की ओर से यह भी कहा गया था कि छात्रों के मुद्दे, NEET परीक्षा की व्यवस्था और NTA में सुधार जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। वकील ने जब प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो का जिक्र किया तो CJI ने कहा था कि उन्हें वीडियो देखने में रुचि नहीं है और अदालत के पास इसके लिए समय नहीं है। उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थी और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

अब CJI सूर्यकांत ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि घटना को सही संदर्भ में नहीं दिखाया गया। उन्होंने कहा कि केवल एक बातचीत या टिप्पणी को आधार बनाकर यह संदेश देना कि अदालत ने मामले को सुनने से इनकार कर दिया, गलत है। गौरतलब है कि CJP के नेतृत्व में छात्रों का एक समूह 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहा था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की थी, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे। वहीं, पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष की मांग है कि छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। वहीं, सरकार की ओर से छात्रों के मुद्दों पर बातचीत और परीक्षा सुधारों को लेकर कदम उठाने की बात कही जा रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत की सफाई के बाद अब इस मामले को लेकर विवाद और मीडिया रिपोर्टिंग की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *