Knews Desk- पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। देर रात जारी आदेश के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।
नरेश पाल गंगवार इससे पहले मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा वह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं, जहां उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर काम किया।
इंजीनियरिंग से लेकर इकोनॉमिक्स तक की पढ़ाई
नरेश पाल गंगवार का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी बेहद मजबूत है। उन्होंने रुड़की यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद IIT दिल्ली से कम्युनिकेशन और रडार इंजीनियरिंग में एमटेक की डिग्री हासिल की। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) में एमए भी किया।
राजस्थान में कई अहम विभागों की संभाली कमान
अपने लंबे प्रशासनिक करियर में गंगवार ने राजस्थान सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में सेवाएं दी हैं। इनमें स्कूल शिक्षा, ऊर्जा, कृषि, उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभाग शामिल हैं। इसके अलावा वह जयपुर डिस्कॉम के चेयरमैन और राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (RSRTC) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) भी रह चुके हैं।
सोलर एनर्जी नीति तैयार करने में निभाई अहम भूमिका
नरेश पाल गंगवार को राजस्थान में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का भी श्रेय दिया जाता है। वर्ष 2010 से 2014 के बीच उन्होंने राष्ट्रीय सौर मिशन के शुरुआती चरण में राजस्थान की पहली सोलर एनर्जी पॉलिसी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज राज्य में सौर ऊर्जा के व्यापक विस्तार के पीछे उस नीति को एक अहम आधार माना जाता है।
स्कूल शिक्षा विभाग में भी नया सचिव
सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण नियुक्ति में कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का नया सचिव बनाया है। वह इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से जारी नियुक्ति आदेश में इन प्रशासनिक फेरबदल के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।