38 इमारतों को गिराने के आदेश के खिलाफ सपा का विरोध, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल देगा ज्ञापन
Knews Desk- उत्तर प्रदेश के रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर राजनीतिक घमासान बढ़ता जा रहा है। यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के आदेश के बाद समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। सपा का कहना है कि इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी और यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज रामपुर पहुंचेगा। इस टीम का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे। प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी की कार्रवाई के विरोध में धरना देगा और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग करेगा। प्रतिनिधिमंडल में मौजूदा विधायकों के साथ पूर्व विधायक भी शामिल हैं।
सपा ने कार्रवाई को बताया शिक्षा के अधिकार पर हमला
सपा नेताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई करना शिक्षा के अधिकार को कमजोर करने जैसा है। सपा के मुताबिक, यहां गरीब, पिछड़े और जरूरतमंद वर्ग के छात्र शिक्षा हासिल कर रहे हैं, ऐसे में इस तरह की कार्रवाई छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगी।

RDA ने 38 इमारतों को गिराने का जारी किया आदेश
रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन भवनों के निर्माण से पहले जरूरी नक्शा पास नहीं कराया गया था और नियमों के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन का कहना है कि बिना स्वीकृति के बने निर्माण उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत अवैध माने जाते हैं।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उठाए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
वहीं, जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन का दावा है कि इन इमारतों का निर्माण पहले ही हो चुका था और उस समय यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था। प्रबंधन का कहना है कि ऐसे में RDA से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं थी। हालांकि, प्रशासन का तर्क है कि निर्माण के समय संबंधित सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना जरूरी था।
2006 में हुई थी जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना
बता दें कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी। इसके संस्थापक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान हैं। अब इस मामले को लेकर सपा और प्रशासन आमने-सामने हैं। सपा इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रही है, जबकि प्रशासन इसे नियमों के तहत की जा रही कार्रवाई बता रहा है।