Commonwealth Games History: 1934 के एक ब्रॉन्ज से शुरू हुआ सफर, आज भारत के नाम 564 मेडल

Knews Desk– कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में भारत का सफर करीब नौ दशक पुराना है। 1934 में जीते गए एकमात्र ब्रॉन्ज मेडल से शुरू हुई यह यात्रा आज 564 पदकों तक पहुंच चुकी है। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं, हालांकि दो बार ऐसा भी हुआ जब पूरा दल बिना कोई पदक जीते वापस लौटा। अब स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने जा रहे 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय टीम से एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में हुई थी, लेकिन भारत ने पहली बार 1934 में लंदन में आयोजित दूसरे संस्करण में हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में भारत के खाते में केवल एक ब्रॉन्ज मेडल आया। इसके बाद 1938 के सिडनी और 1954 के वैंकूवर कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के लिए निराशाजनक रहे, क्योंकि इन दोनों संस्करणों में भारतीय खिलाड़ी एक भी पदक नहीं जीत सके।भारत की वापसी 1958 में कार्डिफ कॉमनवेल्थ गेम्स से हुई। इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने 3 पदक जीते, जिनमें 2 गोल्ड और 1 सिल्वर शामिल था। इसके बाद भारतीय दल का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। 1966 के किंग्स्टन कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पहली बार दो अंकों में पहुंचते हुए 10 पदक अपने नाम किए। 1970 में एडिनबर्ग में यह संख्या बढ़कर 12 हो गई, जबकि 1974 और 1978 में भारत ने 15-15 पदक जीते। 1982 के ब्रिस्बेन गेम्स में भारतीय दल ने 16 पदकों के साथ अपनी स्थिति और मजबूत की।

1990 का दशक भारतीय खेलों के लिए बड़ा बदलाव लेकर आया। 1990 में ऑकलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 32 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 1994 और 1998 में पदकों की संख्या थोड़ी घटी जरूर, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना रहा। इसी दौर में निशानेबाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग और बैडमिंटन जैसे खेलों में भारत की पकड़ मजबूत होती गई।भारत के लिए सबसे यादगार कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में नई दिल्ली में आयोजित हुए। मेजबान होने का पूरा फायदा भारतीय खिलाड़ियों ने उठाया और 38 गोल्ड, 27 सिल्वर तथा 36 ब्रॉन्ज सहित कुल 101 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह अब तक किसी भी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसके बाद 2014 के ग्लासगो गेम्स में भारत ने 64 पदक, 2018 के गोल्ड कोस्ट गेम्स में 66 पदक और 2022 के बर्मिंघम गेम्स में 61 पदक अपने नाम किए।

अब तक भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के 18 संस्करणों में कुल 564 पदक जीते हैं। इनमें 203 गोल्ड, 190 सिल्वर और 171 ब्रॉन्ज शामिल हैं। निशानेबाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, मुक्केबाजी और टेबल टेनिस जैसे खेल भारत के लिए सबसे सफल रहे हैं। कई भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों ने इन्हीं खेलों में देश को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।ग्लासगो में होने वाले आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत की नजर अपने पदकों की संख्या बढ़ाने पर होगी। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण भारतीय दल की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। यदि खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं तो भारत न केवल 564 पदकों के आंकड़े को आगे बढ़ाएगा, बल्कि पदक तालिका में भी मजबूत स्थिति हासिल करने की कोशिश करेगा। भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स का यह सफर बताता है कि एक ब्रॉन्ज मेडल से शुरू हुई कहानी आज दुनिया के सबसे सफल खेल अभियानों में से एक बन चुकी है।

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