Knews Desk– NEET UG 2026 का परिणाम जारी होने के बाद अब लाखों छात्र MBBS और BDS में दाखिले के लिए काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीमित सीटों और ऊंचे कटऑफ के कारण कई छात्रों को कम स्कोर की वजह से MBBS सीट मिलने में मुश्किल आ सकती है। ऐसे में कुछ अभ्यर्थियों के लिए NRI (Non-Resident Indian) कोटा एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, इस कोटे का लाभ केवल उन्हीं उम्मीदवारों को मिल सकता है जो संबंधित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।
प्राइवेट और डीम्ड मेडिकल विश्वविद्यालयों में संचालित कई मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे के तहत सीटें आरक्षित होती हैं। आमतौर पर इन संस्थानों में कुल सीटों का 15 प्रतिशत तक हिस्सा NRI श्रेणी के लिए रखा जाता है। इन सीटों पर भी प्रवेश NEET UG की योग्यता के आधार पर ही होता है। यानी उम्मीदवार का NEET क्वालिफाई करना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य श्रेणी की तुलना में कटऑफ और प्रतिस्पर्धा अलग हो सकती है।NRI कोटे में आवेदन करने के लिए केवल यह पर्याप्त नहीं है कि कोई रिश्तेदार विदेश में रहता हो। उम्मीदवार को संबंधित राज्य, विश्वविद्यालय या मेडिकल कॉलेज द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है। कई संस्थान ऐसे अभ्यर्थियों को पात्र मानते हैं जिनके माता-पिता, अभिभावक या कुछ मामलों में निकट संबंधी (जैसे चाचा, मामा, बुआ या मौसी) विदेश में रहते हों और वे उम्मीदवार की शिक्षा का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी लें। हालांकि, यह नियम सभी राज्यों और संस्थानों में एक समान नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी समय-समय पर NRI कोटे के दुरुपयोग को रोकने के लिए महत्वपूर्ण टिप्पणियां और निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि NRI कोटे का लाभ वास्तविक और पात्र उम्मीदवारों को मिलना चाहिए। इसके बाद कई राज्यों और मेडिकल कॉलेजों ने अपने नियमों में बदलाव किए हैं और अब NRI संबंध साबित करने के लिए अधिक दस्तावेज मांगे जाते हैं। इसलिए केवल दूर का रिश्तेदार विदेश में होने से हर मामले में NRI कोटे का लाभ मिल जाए, ऐसा मान लेना सही नहीं होगा।
NRI कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आमतौर पर पासपोर्ट, वीजा, NRI प्रायोजक (Sponsor) के दस्तावेज, रिश्ते का प्रमाण, स्पॉन्सरशिप एफिडेविट, निवास प्रमाण और वित्तीय दस्तावेज जैसे कागजात जमा करने होते हैं। संबंधित काउंसलिंग अथॉरिटी या मेडिकल कॉलेज आवेदन के दौरान इन दस्तावेजों का सत्यापन करती है।ध्यान देने वाली बात यह भी है कि NRI कोटे की फीस सामान्य सीटों की तुलना में काफी अधिक होती है। कई निजी और डीम्ड मेडिकल कॉलेजों में इस श्रेणी की फीस लाखों रुपये प्रति वर्ष हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले कॉलेज की फीस, पात्रता और नियमों की पूरी जानकारी लेना जरूरी है।