करोड़ों की सफाई के बाद भी डूबा प्रयागराज, थानों में घुसा बारिश का पानी, पुलिस-फरियादी परेशान

स्मार्ट सिटी के दावों पर उठे सवाल, सिविल लाइंस जैसे वीआईपी इलाके में जलभराव से खुली नगर निगम की तैयारियों की पोल

Knews Desk- प्रयागराज में बारिश ने नगर निगम की मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में स्थित महिला थाने समेत कई सरकारी दफ्तरों के बाहर भारी जलभराव हो गया है। हालात ऐसे हैं कि पुलिसकर्मियों और अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद संगम नगरी के कई इलाकों में पानी भर गया। सिविल लाइंस स्थित महिला थाना, सिविल लाइंस थाना और एसीपी सिविल लाइंस कार्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो गया। जलभराव के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

खर्च हुए करोड़ों, फिर भी हालात जस के तस

प्रयागराज को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जाते रहे हैं। शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। मानसून से पहले नगर निगम की ओर से नालों और नालियों की सफाई के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का बजट भी खर्च किया गया, लेकिन पहली तेज बारिश ने इन तैयारियों की हकीकत सामने ला दी।

सिविल लाइंस जैसे महत्वपूर्ण इलाके में थाने और सरकारी कार्यालयों के बाहर पानी भरने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिसकर्मी भी जलभराव की समस्या के सामने बेबस नजर आए।

वीआईपी इलाके का ये हाल तो बाकी शहर का क्या होगा?

महिला थाना, सिविल लाइंस थाना और एसीपी कार्यालय नगर निगम प्रयागराज के सामने ही स्थित हैं। इसके बावजूद यहां जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शहर के दूसरे इलाकों में बारिश के बाद हालात कैसे होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश आते ही जलभराव की समस्या फिर सामने आ जाती है।

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