Knews Desk– ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्रिकेट को जगह नहीं मिली है, लेकिन 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रदर्शन आज भी याद किया जाता है। उस टूर्नामेंट में भारत ने शानदार खेल दिखाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक सफलता में स्टार ओपनर स्मृति मंधाना की भूमिका सबसे अहम रही थी। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और कई मैचों में जीत की नींव रखी।बर्मिंघम में आयोजित 22वें कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार महिला क्रिकेट को टी20 प्रारूप में शामिल किया गया था। इसमें दुनिया की शीर्ष महिला टीमों ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया, हालांकि खिताबी मुकाबले में उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा और भारत को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
पूरे टूर्नामेंट में स्मृति मंधाना भारत की सबसे सफल बल्लेबाज रहीं। उन्होंने पांच मैचों में 159 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर रहीं। उनसे आगे केवल न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन और ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी थीं। मंधाना ने हर मैच में आक्रामक अंदाज अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।सिर्फ रन बनाने के मामले में ही नहीं, बल्कि स्ट्राइक रेट के मामले में भी स्मृति सबसे आगे रहीं। 100 या उससे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों में उनका स्ट्राइक रेट 151.42 रहा, जो पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा था। वह इकलौती बल्लेबाज थीं, जिन्होंने 150 से अधिक की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 100 से ज्यादा रन बनाए। उनकी तेज बल्लेबाजी ने भारत को कई मुकाबलों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया।स्मृति मंधाना ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उन्होंने पांच मैचों में कुल छह छक्के जड़े, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक थे। इसके अलावा उन्होंने 23 चौके भी लगाए। इस तरह उन्होंने कुल 29 बाउंड्री लगाईं और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली बल्लेबाज बनीं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को लगातार तेज शुरुआत दिलाई।
भारत की सिल्वर मेडल जीत में स्मृति मंधाना के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ने भी अहम योगदान दिया। टीम ने पाकिस्तान, बारबाडोस और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।अब 2026 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में भारत के पास क्रिकेट में पदक जीतने का मौका नहीं होगा। फिर भी बर्मिंघम 2022 में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन और स्मृति मंधाना की विस्फोटक बल्लेबाजी भारतीय खेल इतिहास के सुनहरे पन्नों में हमेशा याद की जाएगी। उनकी 159 रनों की शानदार पारी और पूरे टूर्नामेंट में दिखाया गया दमदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि बड़े मंच पर वह भारत की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं।