KNEWS DESK- बरसात के मौसम में मिलने वाला जामुन स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। काले रंग का यह रसीला फल कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों के बीच यह काफी लोकप्रिय है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि जामुन खाने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। लेकिन क्या जामुन वास्तव में डायबिटीज को कंट्रोल कर सकता है या यह सिर्फ एक मिथक है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए विशेषज्ञों की राय समझना जरूरी है।
जामुन में विटामिन C, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं। इसके अलावा जामुन की गुठली का पाउडर भी कई लोग डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इसे लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं और इसे किसी भी तरह से दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता।
एक्सपर्ट ने बताया क्या है सच्चाई
कैलाश दीपक हॉस्पिटल के कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. निशांत जैन के मुताबिक, जामुन को लंबे समय से डायबिटीज के लिए फायदेमंद माना जाता रहा है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि जामुन डायबिटीज का इलाज नहीं है। उन्होंने बताया कि इसे एक हेल्दी डाइट के हिस्से के रूप में शामिल किया जा सकता है, जो ब्लड शुगर मैनेजमेंट में कुछ मदद कर सकता है। लेकिन डॉक्टर की सलाह से चल रही दवा या इंसुलिन को जामुन के भरोसे बंद नहीं करना चाहिए।
जामुन कैसे कर सकता है मदद?
जामुन में एंथोसायनिन, एलेजिक एसिड, फ्लेवोनॉयड्स और जैंबोलिन जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं। कुछ शुरुआती अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि जामुन शरीर में स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। साथ ही यह इंसुलिन के बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इस विषय पर अभी और बड़े स्तर के शोध की जरूरत है।
जामुन में फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है। इसलिए इसे खाने के बाद ब्लड शुगर कुछ मीठे फलों की तुलना में धीरे बढ़ सकता है।
ज्यादा जामुन खाने से हो सकती है परेशानी
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। ज्यादा मात्रा में जामुन खाने से कुछ लोगों को कब्ज, पेट फूलना या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज की दवा या इंसुलिन ले रहा है, तो उसे जामुन खाने की मात्रा को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा जामुन को खाली पेट खाने से बचने की सलाह दी जाती है। कुछ लोगों को इसे दूध के साथ लेने से भी पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
डायबिटीज कंट्रोल के लिए सिर्फ जामुन पर न रहें निर्भर
डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना सबसे जरूरी है। जामुन एक हेल्दी फल जरूर है और इसे सही मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसे डायबिटीज की दवा या इलाज का विकल्प समझना सही नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर चीज का सेवन संतुलित मात्रा में करना जरूरी है।