नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 28 जून से जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हैं वांगचुक, लोगों और नेताओं की अपील के बाद भी आंदोलन जारी रखने का फैसला
Knews Desk- नीट प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल आंदोलन जारी है। लगातार गिरती सेहत के बीच भी उन्होंने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है। वांगचुक ने कहा है कि उनकी हालत ठीक नहीं है, लेकिन इतनी गंभीर भी नहीं है कि उन्हें तुरंत अनशन तोड़ना पड़े।
लोगों और नेताओं की अपील ठुकराई
सोनम वांगचुक ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने बताया कि उन्हें देशभर से हजारों संदेश मिल रहे हैं, जिनमें लोग उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील कर रहे हैं। कई नेताओं ने भी उनसे स्वास्थ्य को देखते हुए आंदोलन समाप्त करने को कहा है।
उन्होंने कहा, “बहुत से लोगों ने मुझे संदेश भेजे हैं कि मैं अनशन तोड़ दूं और कुछ खा लूं। कई नेताओं ने भी यही अपील की है। कुछ लोगों ने अदालत से भी मेरा अनशन खत्म करवाने की मांग की है।”
‘अनशन तोड़ने से सरकार को गलत संदेश जाएगा’
वांगचुक ने कहा कि अगर वह अभी अनशन खत्म कर देते हैं तो इससे कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “अगर मैं कुछ खा भी लूं तो क्या बदलेगा? सरकार को यही संदेश जाएगा कि जवाबदेही की जरूरत नहीं है।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि कुछ दिनों में कोई गंभीर खतरा पैदा हो जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनशन खत्म कराने की बजाय 20 जुलाई को बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हों, ताकि सरकार तक एक स्पष्ट संदेश पहुंच सके।
28 जून से जारी है आंदोलन
बता दें कि सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और छात्रों की मांगों को लेकर 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। इस दौरान उनकी सेहत में गिरावट देखी गई है और उन्हें शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उन्होंने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।