KNEWS DESK – 47.37 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए हैं।
यह कार्रवाई यूको बैंक की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में की गई है। आरोप है कि जूपिटर बायो साइंसेज लिमिटेड और उसके अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से करोड़ों रुपये की क्रेडिट सुविधाएं हासिल कर वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ केस
जानकारी के मुताबिक, यूको बैंक ने इस मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 5 मार्च और 24 अप्रैल 2026 को CBI को मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद CBI ने 29 जून 2026 को केस दर्ज किया और जांच शुरू की। अब जांच के तहत कंपनी और उससे जुड़े अधिकारियों के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है।
फर्जी दस्तावेजों से लिया गया लोन
CBI के अनुसार, आरोपियों ने बैंक से लोन हासिल करने के लिए फर्जी प्रोफॉर्मा इनवॉइस और गिरवी रखी गई संपत्तियों की बढ़ा-चढ़ाकर तैयार की गई वैल्यूएशन रिपोर्ट जमा की थी।
इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक से क्रेडिट सुविधाएं ली गईं, जिससे यूको बैंक को 47.37 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
चार राज्यों में छापेमारी, मिले डिजिटल सबूत
जांच एजेंसी ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु में कंपनी के निदेशकों और अन्य संबंधित परिसरों पर एक साथ तलाशी ली।
CBI को इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मिले हैं। शुरुआती जांच में फंड की कथित हेराफेरी से जुड़े रिकॉर्ड भी सामने आए हैं।
फॉरेंसिक जांच में जुटी CBI
CBI अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित बैंक धोखाधड़ी की पूरी साजिश कैसे रची गई, लोन की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस मामले में कितने लोग शामिल थे।