KNEWS DESK – एक्ट्रेस अंजलि आनंद ने अपने करियर और बॉडी शेमिंग को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अंजलि, जो कई फिल्मों और टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं, ने बताया कि अक्षय कुमार स्टारर फिल्म ‘बेल बॉटम’ में उन्हें एक खास वजह से कास्ट किया गया था। एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें यह रोल उनके टैलेंट से ज्यादा उनके बढ़े हुए वजन की वजह से मिला था।
अंजलि आनंद ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने इस अनुभव को शेयर किया। उन्होंने बताया कि फिल्म के एक सीन में एक आतंकवादी किरदार उनके ऊपर गिरकर पकड़ा जाता है, जिसके लिए उन्हें चुना गया था। एक्ट्रेस ने कहा कि शुरुआत में यह सुनकर उन्हें थोड़ा अजीब लगा, लेकिन बाद में उन्होंने इसे सकारात्मक रूप से लिया।
‘बेल बॉटम’ में रोल मिलने की वजह पर बोलीं अंजलि
अंजलि आनंद ने बताया कि कई बार इंडस्ट्री में लोगों को उनके शरीर के आधार पर जज किया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे किरदार मिलते रहे हैं, जिनका कनेक्शन उनके वजन से होता है। एक्ट्रेस ने दुख जताते हुए कहा कि कई लोग उनकी एक्टिंग क्षमता को नजरअंदाज कर सिर्फ उनके लुक्स पर ध्यान देते हैं।
उन्होंने कहा कि जब किसी कलाकार को केवल उसके शरीर के आधार पर पहचाना जाता है, तो यह काफी निराशाजनक होता है। हर कलाकार चाहता है कि उसके काम और अभिनय को भी उतनी ही अहमियत मिले।
बॉडी शेमिंग पर अंजलि ने रखी अपनी बात
अंजलि आनंद ने अपने वजन को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की नजर में वह तय किए गए ब्यूटी स्टैंडर्ड में फिट नहीं बैठतीं, लेकिन ऐसे लोग बड़े-बड़े सितारों की आलोचना करने से भी पीछे नहीं हटते।
एक्ट्रेस ने कहा कि खूबसूरती का कोई एक पैमाना नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि दीपिका पादुकोण, ऐश्वर्या राय, शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े कलाकारों को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। इसलिए लोगों की टिप्पणियां उनकी मेहनत और पहचान को तय नहीं कर सकतीं।
‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ के बाद बदली छवि
अंजलि आनंद ने फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ के बाद अपने करियर में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के बाद उन्हें एक जैसे किरदारों के ऑफर ज्यादा मिलने लगे।
उन्होंने कहा कि फिल्म में उनका किरदार बॉडी शेमिंग के खिलाफ आवाज उठाता है, जो हिंदी सिनेमा में पहले बहुत कम देखने को मिलता था। अंजलि के मुताबिक, पहले प्लस साइज किरदारों को अक्सर सिर्फ कॉमेडी या मजाक तक सीमित कर दिया जाता था।
अंजलि ने कहा कि पहले फिल्मों में प्लस साइज महिलाओं को सिर्फ ज्यादा खाना खाने वाले या मजाक का हिस्सा बनने वाले किरदारों में दिखाया जाता था। लेकिन अब समय बदल रहा है और ऐसे किरदारों को भी अपनी कहानी और पहचान मिलनी चाहिए।