KNEWS DESK – अगर आपके घर में कोई डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्या से जूझ रहा है, तो यह खबर राहत देने वाली है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने रोजाना इस्तेमाल होने वाली 39 जरूरी दवाओं की अधिकतम कीमत तय कर दी है।
इस फैसले के बाद अब दवा कंपनियां और मेडिकल स्टोर इन दवाओं को तय सीमा से ज्यादा कीमत पर नहीं बेच पाएंगे। माना जा रहा है कि कई दवाओं की कीमत में 20 से 40 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
NPPA ने यह कदम ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर (DPCO), 2013 के तहत उठाया है। सरकार का उद्देश्य जरूरी और जीवनरक्षक दवाओं को आम लोगों की पहुंच में लाना है, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान ज्यादा आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
नई कीमतों की सूची में ऐसी दवाएं शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल देशभर में लाखों मरीज नियमित रूप से करते हैं।
किन मरीजों को मिलेगा फायदा?
नई कीमतों का सबसे ज्यादा फायदा उन मरीजों को मिलेगा, जो लंबे समय से इन बीमारियों का इलाज करा रहे हैं:
- डायबिटीज
- हाई ब्लड प्रेशर
- हार्ट डिजीज
- कैल्शियम और विटामिन D की कमी
- आंखों के संक्रमण
- रेबीज जैसी आपात स्थिति
लंबे समय तक चलने वाले इलाज में दवाओं की कीमत कम होने से मरीजों के मासिक खर्च में बड़ी राहत मिल सकती है।
कौन-कौन सी प्रमुख दवाएं हुईं सस्ती?
1. हार्ट मरीजों की कॉम्बिनेशन दवा
Clopidogrel + Aspirin + Atorvastatin
यह दवा हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसकी नई अधिकतम कीमत 6.37 रुपये प्रति कैप्सूल तय की गई है।
2. हाई BP की दवा
Amlodipine + Bisoprolol + Telmisartan
यह कॉम्बिनेशन गंभीर हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को दिया जाता है। इसकी नई अधिकतम कीमत 14.74 रुपये प्रति टैबलेट होगी।
3. कैल्शियम और विटामिन D3 सप्लीमेंट
बुजुर्गों, महिलाओं और कमजोर हड्डियों वाले मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली इस दवा की कीमत 8.93 रुपये प्रति टैबलेट (GST सहित) तय की गई है।
4. हार्ट अटैक में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन
Tenecteplase (TNK-TPA)
यह जीवनरक्षक इंजेक्शन हार्ट अटैक के दौरान खून के थक्के को घोलने के लिए दिया जाता है। इसकी अधिकतम कीमत 60,238.27 रुपये प्रति वायल तय की गई है।
5. आंखों की सर्जरी के बाद इस्तेमाल होने वाला आई ड्रॉप
Nepafenac + Moxifloxacin
मोतियाबिंद जैसी सर्जरी के बाद संक्रमण और सूजन रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाले इस आई ड्रॉप की कीमत 68.64 रुपये प्रति मिलीलीटर तय की गई है।
6. रेबीज से बचाव का इंजेक्शन
Anti-Rabies Immunoglobulin
कुत्ते या संक्रमित जानवर के काटने के बाद इस्तेमाल होने वाली इस जरूरी दवा की कीमत 119.48 रुपये तय की गई है।
मरीजों के खर्च में आएगी कमी
सरकार के इस फैसले से खासतौर पर उन मरीजों को फायदा होगा, जिन्हें हर महीने नियमित दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
हार्ट, बीपी और डायबिटीज के मरीजों का दवा खर्च लंबे समय में काफी ज्यादा हो जाता है। कीमत नियंत्रित होने के बाद कई परिवारों का मासिक मेडिकल खर्च कम हो सकता है।
ज्यादा कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई
NPPA ने साफ किया है कि कोई भी कंपनी या मेडिकल स्टोर तय कीमत से ज्यादा रकम नहीं ले सकता। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर DPCO-2013 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अगर किसी कंपनी ने ज्यादा कीमत वसूली, तो उसे अतिरिक्त रकम ब्याज सहित सरकार को वापस जमा करनी होगी।
क्या है NPPA?
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) भारत सरकार का नियामक निकाय है, जिसकी स्थापना साल 1997 में हुई थी। इसका मुख्य काम जरूरी दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना और मरीजों को उचित कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराना है।
भारत में डायबिटीज, हाई BP और हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।