KNEWS DESK – जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीजेपी पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने के आरोपों पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर उमर अब्दुल्ला अपने दावों को साबित नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, वरना बीजेपी कानूनी कार्रवाई करेगी।
‘मुख्यमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति को जिम्मेदारी से बोलना चाहिए’
सत शर्मा ने कहा कि उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी पर गंभीर आरोप लगाना गैर-जिम्मेदाराना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की कथित नाकामियों और चुनावी वादों को पूरा न कर पाने से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।
‘NC विधायकों से संपर्क करने की जरूरत नहीं’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी को नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों से संपर्क करने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायक उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रमों तक में शामिल नहीं हो रहे हैं, तो फिर बीजेपी को उन्हें अपने साथ जोड़ने की आवश्यकता क्यों होगी।
उमर अब्दुल्ला से विधायकों के नाम बताने की मांग
सत शर्मा ने मुख्यमंत्री से उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करने को कहा, जिनके बारे में दावा किया गया है कि उन्हें 20 से 30 करोड़ रुपये का लालच दिया गया।
उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि मुख्यमंत्री को अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत भी देने होंगे।
सत शर्मा ने बताया कि बीजेपी इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की कानूनी टीम से इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है और आगे की रणनीति जल्द तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला के पास अब दो ही विकल्प हैं- या तो वह आरोपों के सबूत पेश करें या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। ऐसा नहीं करने पर बीजेपी उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाएगी।