KNEWS DESK – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को डिजिटल और अत्याधुनिक लोकनायक जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दिया और कहा कि किसी भी देश की प्रगति केवल कृषि, बाजार या उद्योग से तय नहीं होती, बल्कि उसके पुस्तकालयों में बैठकर ज्ञान हासिल करने वाली युवा पीढ़ी से तय होती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली हर गतिविधि की नींव ज्ञान और विवेक पर टिकी होती है। उन्होंने कहा कि यह ज्ञान और सोच विकसित करने का सबसे बेहतर माध्यम पुस्तकालय हैं।
‘हर युवा एक बार जरूर जाए पुस्तकालय’
अमित शाह ने युवाओं से अपील की कि वे जीवन में कम से कम एक बार पुस्तकालय से जरूर जुड़ें। उन्होंने कहा कि जब पढ़ने की आदत विकसित होती है तो व्यक्ति में सही और गलत को समझने की क्षमता अपने आप विकसित होने लगती है।
गृह मंत्री ने अपने बचपन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिस छोटे कस्बे में उनका बचपन बीता, वहां एक समृद्ध पुस्तकालय था। उस पुस्तकालय से जुड़ने का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने अलादीन और जादुई चिराग, अलीबाबा और चालीस चोर और सिंदबाद की यात्राओं जैसी किताबें पढ़ीं और धीरे-धीरे उनकी पढ़ने की यात्रा वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई।
‘बोलने से पहले सोचना चाहिए’
अमित शाह ने कहा कि पुस्तकालय व्यक्ति के विचारों को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने एक संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि बोलने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि शब्द वापस नहीं आते।
उन्होंने कहा कि सोचने से पहले यह समझना जरूरी है कि क्या सोचना है और यह संस्कार केवल पढ़ने और अध्ययन से आता है। पुस्तकालय ने उनके जीवन में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
गांव-गांव में खोले गए पुस्तकालय
गृह मंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र में किए गए एक प्रयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग हर गांव में पुस्तकालय खोले गए हैं, जहां 3 से 4 हजार तक किताबें उपलब्ध हैं।
इन सभी पुस्तकालयों को मुख्य पुस्तकालय से जोड़ा गया है, जिसमें करीब सवा लाख पुस्तकें हैं। इसके अलावा बच्चों तक किताबें पहुंचाने के लिए चार मोबाइल लाइब्रेरी वैन भी चलाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि गांवों के बच्चे अपनी पसंद की किताबों का नाम लिखकर भेजते हैं और हर शुक्रवार उन्हें उनकी पसंद की पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाती हैं।
युवाओं के ज्ञान का केंद्र बनेगा पुस्तकालय
अमित शाह ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम से समर्पित यह पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान, चिंतन और विचारों का नया केंद्र बनेगा।
उन्होंने दिल्ली सरकार से अपील की कि राजधानी के सभी पुस्तकालयों को आपस में जोड़ा जाए और स्कूलों को भी इनसे जोड़ने की योजना बनाई जाए।
गृह मंत्री ने पुस्तकालय के कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे दिल्ली के आसपास के 10 विधानसभा क्षेत्रों के स्कूलों से संपर्क करें और अधिक से अधिक युवाओं को पुस्तकालय से जोड़ें।