Noida Aryan Death Case: नोएडा के सेक्टर-58 में इंजीनियर आर्यन की नाले में गिरने से हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना का CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें आर्यन को छाता लेकर सड़क पर चलते हुए देखा जा सकता है। इसी दौरान वह अचानक सड़क किनारे बने खुले नाले में गिर जाता है।
Knews Desk- मौके पर मौजूद लोगों ने जब उसे बाहर निकालने की कोशिश की तो एक व्यक्ति को झटका महसूस हुआ। इसके बाद आशंका जताई जाने लगी कि कहीं आर्यन की मौत करंट लगने से तो नहीं हुई। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
बारिश के बाद सेक्टर-58 इलाके में भारी जलभराव हो गया था। सड़क पर कई फीट तक पानी जमा होने के कारण नाले और सड़क के बीच का अंतर दिखाई नहीं दे रहा था। इसी वजह से आर्यन का पैर नाले के पास लगी कमजोर स्लैब पर पड़ा और वह संतुलन खोकर उसमें गिर गया।
करंट को लेकर नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग आमने-सामने
आर्यन की मौत के बाद करंट लगने की आशंका को लेकर नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नाले के पास लगे बिजली के खंभे से पानी में करंट फैल गया था, जिसकी वजह से आर्यन को झटका लगा और वह नाले में गिर गया। वहीं बिजली विभाग ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि हादसा जलभराव और खुले नाले की वजह से हुआ है।
बिजली विभाग का कहना है कि अगर नाले को सही तरीके से ढका गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल दोनों विभाग अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं।
CCTV में कैद हुआ हादसा
सामने आए CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि आर्यन सामान्य तरीके से सड़क पर चल रहा था। अचानक उसका पैर फिसलता है और वह नाले में जा गिरता है। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सेक्टर-58 थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आर्यन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद का रहने वाला था और नोएडा में इंजीनियर के पद पर काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत करंट लगने से हुई या डूबने की वजह से।
नोएडा में पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
गौरतलब है कि इससे पहले भी नोएडा में खुले नाले और जलभराव की वजह से हादसा हो चुका है। करीब छह महीने पहले इंजीनियर युवराज मेहता की भी नाले में डूबने से मौत हुई थी। आर्यन की मौत के बाद एक बार फिर शहर में जल निकासी व्यवस्था और खुले नालों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।