Knews Desk– देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थी इन दिनों NEET UG 2026 के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शुरू कर दी है और माना जा रहा है कि 20 जुलाई से पहले परिणाम जारी हो सकता है। अब तक NEET UG के स्कोर के आधार पर MBBS, BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग जैसे कई मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्सों में प्रवेश मिलता रहा है। हालांकि, इस बीच एक नए प्रवेश परीक्षा NEET PA की शुरुआत ने BAMS में दाखिले की व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी ने पहली बार NEET PA (National Eligibility cum Entrance Test – Pre Ayurveda) का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह परीक्षा 10वीं पास विद्यार्थियों के लिए है, जो प्री-आयुर्वेदिक इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं। इस कोर्स की कुल अवधि करीब 7.5 वर्ष होगी और इसे पूरा करने के बाद छात्रों को BAMS की डिग्री प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम को नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) से मंजूरी मिल चुकी है और इसे सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी से संबद्ध आयुर्वेदिक गुरुकुलों में संचालित किया जाएगा।यही वजह है कि शिक्षा जगत में यह संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में BAMS की अधिकांश सीटों पर प्रवेश NEET PA के जरिए दिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो NEET UG के स्कोर से BAMS में प्रवेश की व्यवस्था सीमित हो सकती है या कुछ सीटों तक ही सिमट सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है कि NEET UG के जरिए BAMS प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
दरअसल, NEET UG की शुरुआत देशभर में मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को एकरूप बनाने के उद्देश्य से की गई थी। हर साल 20 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। लेकिन समय के साथ मेडिकल शिक्षा के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग प्रवेश परीक्षाएं शुरू होने लगी हैं, जिससे अब मेडिकल शिक्षा में एक से अधिक प्रकार के NEET आयोजित किए जा रहे हैं।वर्तमान में मेडिकल शिक्षा के लिए पांच प्रमुख NEET परीक्षाएं हैं। NEET UG के जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग समेत विभिन्न स्नातक मेडिकल कोर्सों में प्रवेश दिया जाता है। NEET PA प्री-आयुर्वेदिक इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए नई परीक्षा है। NEET-SR-UG सेवा-रिग्पा (तिब्बती चिकित्सा पद्धति) के स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। वहीं NEET PG एमबीबीएस के बाद MD, MS और अन्य पीजी मेडिकल कोर्सों में प्रवेश के लिए होती है। इसके अलावा NEET SS सुपर स्पेशियलिटी कोर्स जैसे DM और MCh में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है।
ऐसे में साफ है कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया लगातार बदल रही है। NEET PA की शुरुआत से आयुर्वेद शिक्षा के लिए एक नया रास्ता खुला है, लेकिन इससे भविष्य में BAMS में प्रवेश के नियमों में बदलाव की संभावना भी बढ़ गई है। फिलहाल छात्रों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार करना होगा कि आने वाले वर्षों में BAMS की सीटों पर प्रवेश किस व्यवस्था के तहत किया जाएगा।