Knews Desk- उत्तर प्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) राज्य के कौशल विकास अभियान की मजबूत नींव बन चुके हैं। युवाओं को रोजगार से जोड़ने और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए प्रदेश में आईटीआई का नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब देश के सबसे बड़े कौशल विकास इकोसिस्टम में शामिल हो गया है।
प्रदेश में वर्तमान समय में 300 से अधिक राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र में 3,000 से अधिक आईटीआई संस्थान भी युवाओं को तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहे हैं। इतने बड़े स्तर पर संचालित हो रहे संस्थानों के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
150 से ज्यादा ट्रेड में मिल रही ट्रेनिंग
उत्तर प्रदेश के सभी आईटीआई राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश (SCVTUP) के अंतर्गत संचालित होते हैं। इन संस्थानों में राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (NCVT) के निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है।
आईटीआई में युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाता है। इनमें इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) जैसे लोकप्रिय कोर्स शामिल हैं।
इसके अलावा युवाओं के लिए 150 से ज्यादा ट्रेड उपलब्ध हैं, जिनके जरिए उन्हें आधुनिक तकनीक, मशीनों के संचालन और उद्योगों में काम करने के लिए जरूरी कौशल सिखाया जाता है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
करीब 4 लाख युवा ले रहे प्रशिक्षण
मौजूदा शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के आईटीआई संस्थानों में करीब 98 ट्रेड में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के अनुसार, वर्तमान में राजकीय आईटीआई में लगभग 1.29 लाख और निजी आईटीआई में करीब 2.77 लाख युवाओं ने दाखिला लिया है।
इस तरह प्रदेशभर में करीब 4 लाख युवा तकनीकी प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। यह संख्या बताती है कि उत्तर प्रदेश में युवाओं के बीच कौशल आधारित शिक्षा को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।
रोजगार से जोड़ने पर जोर
राज्य सरकार का कहना है कि आईटीआई के माध्यम से युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्योगों की मांग के अनुसार नए कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा सके।
कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ-साथ देश और विदेश में काम करने के लिए भी सक्षम बनाया जा रहा है। आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को विभिन्न उद्योगों, कंपनियों और तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलते हैं।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार हो रहे युवा
वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता रखने वाले युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आईटीआई संस्थान युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं।
सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके लिए आईटीआई संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने, नए ट्रेड शुरू करने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर भी काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में आईटीआई का बढ़ता नेटवर्क राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोल रहा है। आने वाले समय में कौशल विकास के क्षेत्र में प्रदेश की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।