Knews Desk- दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अंडरग्रेजुएट (UG) एडमिशन 2026 को लेकर छात्रों की शंकाओं को दूर करने के लिए दो दिवसीय लाइव वेबिनार की शुरुआत की है। एडमिशन प्रक्रिया के बीच बड़ी संख्या में छात्र रजिस्ट्रेशन, कोर्स कॉम्बिनेशन और विषय चयन को लेकर असमंजस में हैं। ऐसे में डीयू के एडमिशन डीन और जॉइंट डीन ने कई अहम जानकारियां साझा कीं। वेबिनार के पहले दिन सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह रही कि यदि किसी छात्र ने 12वीं में पढ़े विषय से CUET UG 2026 की परीक्षा नहीं दी है, तो उस विषय का स्कोर डीयू एडमिशन में नहीं जोड़ा जाएगा।दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजी एडमिशन 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन और कॉलेज-कोर्स प्रेफरेंस भरने की प्रक्रिया जारी है। दोनों प्रक्रियाओं की अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद विश्वविद्यालय 12 जुलाई को सिम्युलेटेड रैंक जारी करेगा और 16 जुलाई को पहली सीट आवंटन सूची प्रकाशित करेगा।
इसी बीच छात्रों की समस्याओं को देखते हुए डीयू ने 8 और 9 जुलाई को लाइव वेबिनार आयोजित किया है। पहले दिन डीयू के एडमिशन डीन प्रोफेसर हनीत गांधी और जॉइंट डीन प्रोफेसर आनंद सोनकर ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और एडमिशन प्रक्रिया से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट कीं।
12वीं और CUET के विषयों का मिलान जरूरी
वेबिनार के दौरान प्रोफेसर आनंद सोनकर ने बताया कि डीयू में एडमिशन के लिए वही पांच विषय मान्य होंगे, जिनसे छात्र ने कक्षा 12वीं पास की है। यदि छात्र ने उन्हीं विषयों में CUET UG 2026 की परीक्षा भी दी है, तो उसका पूरा स्कोर एडमिशन के लिए मान्य होगा।लेकिन यदि किसी छात्र ने 12वीं में जिन विषयों से पढ़ाई की थी, उनसे अलग विषयों में CUET परीक्षा दी है और वही विषय कोर्स कॉम्बिनेशन में चुनता है, तो उन विषयों का CUET स्कोर एडमिशन में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे छात्रों को मेरिट में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कोर्स कॉम्बिनेशन भरते समय बरतें सावधानी
डीयू ने छात्रों को सलाह दी है कि कोर्स और कॉलेज की प्राथमिकता भरते समय विषयों का चयन बहुत सोच-समझकर करें। केवल वही विषय चुनें जो 12वीं में भी थे और जिनकी CUET परीक्षा भी दी गई है। गलत विषय चुनने पर स्कोर का लाभ नहीं मिलेगा।
10 जुलाई से खुलेगी करेक्शन विंडो
वेबिनार में प्रोफेसर हनीत गांधी ने बताया कि कई छात्रों ने रजिस्ट्रेशन फॉर्म में हुई गलतियों को सुधारने की मांग की थी। इसे देखते हुए 10 जुलाई से करेक्शन विंडो खोली जाएगी। छात्र 11 जुलाई तक अपने आवेदन में जरूरी सुधार कर सकेंगे। इसके बाद कोई बदलाव संभव नहीं होगा।
लाइव चैट के जरिए पूछ सकते हैं सवाल
डीयू की ओर से आयोजित इस वेबिनार में छात्रों को यूट्यूब लाइव चैट के माध्यम से सवाल पूछने की सुविधा भी दी गई है। साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से Frequently Asked Questions (FAQs) के जवाब भी साझा किए जा रहे हैं ताकि छात्रों की अधिकतम समस्याओं का समाधान हो सके।
इन तारीखों का रखें ध्यान
- 11 जुलाई: रजिस्ट्रेशन और कॉलेज-कोर्स प्रेफरेंस की अंतिम तिथि
- 10-11 जुलाई: करेक्शन विंडो खुली रहेगी
- 12 जुलाई: सिम्युलेटेड रैंक जारी होगी
- 13 जुलाई: सिम्युलेटेड रैंक के आधार पर प्रेफरेंस बदलने का मौका
- 16 जुलाई: पहली सीट आवंटन सूची जारी होगी
डीयू ने छात्रों से अपील की है कि अंतिम समय का इंतजार न करें। समय रहते अधिक से अधिक कॉलेज और कोर्स विकल्प भरें, उन्हें नियमित रूप से सेव करें और सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। क्योंकि अंतिम तिथि के बाद पूरा सिस्टम स्वतः लॉक हो जाएगा और किसी तरह का संशोधन संभव नहीं होगा।