DU UG Admission 2026: सिम्युलेटेड रैंक जारी होते ही करें चेक, इसी से बढ़ेगी पसंदीदा कॉलेज मिलने की उम्मीद

Knews Desk- दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में अंडरग्रेजुएट (UG) एडमिशन 2026 की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जिन छात्रों ने सीयूईटी यूजी 2026 के जरिए डीयू में दाखिले के लिए आवेदन किया है, उनके लिए अब सिम्युलेटेड रैंक बेहद अहम साबित होने वाली है। यह रैंक छात्रों को यह समझने में मदद करती है कि उनके चुने हुए कोर्स और कॉलेज में एडमिशन मिलने की कितनी संभावना है। ऐसे में सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जा रही है कि कॉलेज और कोर्स की वरीयता भरने के बाद अपनी सिम्युलेटेड रैंक जरूर देखें।डीयू ने यूजी एडमिशन 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन और कॉलेज-कोर्स प्रेफरेंस भरने की अंतिम तारीख 11 जुलाई तय की है। इसके बाद विश्वविद्यालय 12 जुलाई को सिम्युलेटेड रैंक जारी करेगा। यह प्रक्रिया छात्रों को अंतिम मेरिट लिस्ट जारी होने से पहले अपनी पसंद में बदलाव का एक महत्वपूर्ण मौका देती है।

क्या होती है सिम्युलेटेड रैंक?

सिम्युलेटेड रैंक एक तरह की संभावित रैंकिंग होती है, जिसे छात्रों के CUET UG 2026 स्कोर और उनके द्वारा चुने गए कॉलेज व कोर्स की वरीयता के आधार पर तैयार किया जाता है। यह अंतिम मेरिट लिस्ट नहीं होती, लेकिन इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि छात्र की वर्तमान स्थिति क्या है और उसे पसंदीदा कॉलेज या कोर्स मिलने की कितनी संभावना है।डीयू के एडमिशन डीन प्रोफेसर हनीत गांधी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से विश्वविद्यालय यह व्यवस्था लागू कर रहा है ताकि छात्र अपने विकल्पों का बेहतर आकलन कर सकें। हालांकि, अंतिम सीट आवंटन मेरिट और उपलब्ध सीटों के आधार पर ही किया जाएगा।

कैसे मिल सकता है फायदा?

मान लीजिए किसी छात्र ने सीयूईटी यूजी में 800 अंक हासिल किए हैं। यदि उसने किसी लोकप्रिय कॉलेज और हाई-डिमांड कोर्स को पहली पसंद के रूप में चुना है, तो सिम्युलेटेड रैंक देखकर वह समझ सकता है कि उसकी रैंक उस कॉलेज की उपलब्ध सीटों के मुकाबले कहां है। यदि एडमिशन की संभावना कम दिखाई देती है, तो वह अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव कर सकता है।

यानी यह रैंक छात्रों को सही रणनीति बनाने का अवसर देती है, जिससे उनकी सीट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

प्रेफरेंस बदलने का मिलेगा मौका

सिम्युलेटेड रैंक जारी होने के बाद डीयू छात्रों के लिए कॉलेज और कोर्स की वरीयता में बदलाव करने का एक अंतिम अवसर देगा। 12 जुलाई शाम 5 बजे रैंक जारी होने के बाद 13 जुलाई शाम 4:59 बजे तक छात्र अपनी पसंद में बदलाव कर सकेंगे। इसके बाद कोई संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

एडमिशन का पूरा शेड्यूल

डीयू के अनुसार, 16 जुलाई शाम 5 बजे पहले राउंड की सीट आवंटन सूची जारी होगी। जिन छात्रों को सीट मिलेगी, उन्हें 18 जुलाई तक सीट स्वीकार करनी होगी और 21 जुलाई तक फीस जमा करनी होगी।इसके बाद 25 जुलाई को दूसरे राउंड का सीट आवंटन होगा। दूसरे राउंड में चयनित छात्रों को 26 जुलाई तक सीट स्वीकार करनी होगी, जबकि फीस जमा करने की अंतिम तारीख 28 जुलाई तय की गई है।

28 जुलाई से शुरू होगा नया सत्र

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 का अकादमिक कैलेंडर भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, 28 जुलाई 2026 से नए सत्र की कक्षाएं शुरू होंगी। यूजी और पीजी दोनों कार्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों की पढ़ाई इसी दिन से शुरू होगी।ऐसे में डीयू में प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सिम्युलेटेड रैंक को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय रहते अपनी रैंक देखें, जरूरत पड़ने पर कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकता बदलें और एडमिशन की संभावनाओं को बेहतर बनाएं।

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