Knews Desk- उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान राशि की गिनती के दौरान कथित चोरी के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष के सरकारी निजी सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले विभागीय जांच में अनियमितता सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
मंदिर प्रशासन की ओर से बदरीनाथ थाने में दी गई शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है। बदरीनाथ के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पासवान ने अपनी शिकायत में बताया कि विभागीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रमोद नौटियाल को मंदिर की दान राशि की गणना स्थल से कथित रूप से राशि उठाते हुए देखा गया।
शिकायत के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल पर हुई। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मंदिर प्रशासन ने पहले प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया और इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे बदरीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्रमोद नौटियाल के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामले की जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारी महादेव उनियाल को सौंपी गई है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच के लिए मंदिर प्रशासन से संबंधित दस्तावेज, विभागीय जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के बयान जुटा रही है। इसके साथ ही 2 जुलाई को दान राशि की गणना के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। जांच अधिकारी के मुताबिक, उस दिन दान गिनती की प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित अनियमितता में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई को दान राशि की गणना के समय मंदिर कर्मचारियों के अलावा 11 से 12 श्रद्धालु और तीन साधु भी स्वेच्छा से मौजूद थे। ऐसे में जांच का दायरा केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उस समय मौजूद सभी लोगों की गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी। वहीं, बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखपत बुटोला ने इस मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी इतनी बड़ी कथित चोरी किसी एक व्यक्ति के स्तर पर संभव नहीं लगती और पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
विधायक ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी प्रतिष्ठा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।