Knews Desk- देशभर में E20 पेट्रोल यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर बहस लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर पर जाकर लोगों से E20 ईंधन को लेकर उनकी राय जानेंगे।
केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने वाहन निर्माता कंपनियों से यह जानने के लिए पत्र लिखा है कि क्या पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल सुरक्षित है या नहीं। उन्होंने कंपनियों से यह भी पूछा है कि अगर E20 ईंधन के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज कम होती है या इंजन को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। केजरीवाल के मुताबिक, उन्होंने मारुति, टोयोटा और हीरो समेत कुल 29 वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र भेजे हैं। इनमें से तीन कंपनियों ने सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि E20 पेट्रोल से वाहनों को नुकसान नहीं होता और माइलेज में केवल मामूली गिरावट आ सकती है। केजरीवाल ने इन कंपनियों से पूछा है कि अगर किसी ग्राहक की गाड़ी का माइलेज दावा किए गए स्तर से ज्यादा कम होता है या इंजन में कोई खराबी आती है, तो क्या कंपनी उसकी भरपाई करेगी।
उन्होंने बाकी वाहन कंपनियों से भी सवाल किया है कि क्या उनकी गाड़ियां E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं और यदि ग्राहकों को कोई नुकसान होता है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
E20 पेट्रोल को लेकर क्यों हो रही है बहस?
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। सरकार इसे पेट्रोलियम आयात कम करने, विदेशी मुद्रा बचाने और प्रदूषण घटाने की दिशा में अहम कदम बता रही है। हालांकि, कुछ वाहन मालिकों और विशेषज्ञों ने पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।
विवाद का मुख्य कारण यह है कि 2023 से पहले निर्मित कई वाहन E10 यानी 10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के हिसाब से डिजाइन किए गए थे। कुछ उपभोक्ताओं का दावा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद उनकी गाड़ियों की माइलेज में कमी आई है। वहीं, एथेनॉल की अधिक मात्रा के कारण कुछ लोगों ने रबर और ईंधन प्रणाली के पुर्जों पर असर पड़ने की आशंका भी जताई है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि E20 ईंधन से किसी वाहन को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचने का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी E20 पेट्रोल को लेकर फैल रही आशंकाओं को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी वाहन को नुकसान हुआ है तो उसका वास्तविक उदाहरण सामने लाया जाना चाहिए। फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर सरकार, वाहन कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच बहस जारी है। अब केजरीवाल के इस कदम के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।