Knews Desk- कानपुर शहर के श्यामनगर स्थित LIC पार्क के पास रहने वाले विनायक शुक्ला को ओमान क्रिकेट टीम का नया कप्तान बनाया गया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाने वाले विनायक अब टीम की कमान संभालेंगे। इससे पहले वह ओमान टीम के उपकप्तान रह चुके हैं और एशिया कप व टी-20 विश्व कप में ओमान का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
पिता ने बताया कि सोमवार रात 9 बजे विनायक के ओमान क्रिकेट टीम के कप्तान बनाए जाने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि 29 जून को मेल आया था, इसके बाद विनायक ओमान चला गया था। विनायक कानपुर में था, लेकिन मेल आने के बाद चला गया था।
बचपन से था क्रिकेट का जुनून, कानपुर से शुरू हुआ सफर
विनायक ने महज 8 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने खुद श्यामनगर पीएसी ग्राउंड से क्रिकेट का फॉर्म लाकर दाखिला लिया। उनके पिता जितेंद्र शुक्ला, जो बैंक मैनेजर के पद से रिटायर हो चुके हैं, खुद भी बैंक की क्रिकेट टीम से खेल चुके हैं। बेटे की रुचि देखकर उन्होंने हर कदम पर उसका साथ दिया।
विनायक ने केंद्रीय विद्यालय से पढ़ाई के दौरान अंडर-16 और अंडर-19 राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कई राज्यों से क्रिकेट खेलने के बावजूद भारतीय टीम में जगह नहीं मिल सकी, लेकिन उन्होंने मेहनत जारी रखी।
दिल्ली के कोच की सलाह पर पहुंचे ओमान
लगातार संघर्ष के बीच दिल्ली के क्रिकेट कोच प्रकाश ने परिवार को सलाह दी कि विनायक के खेल को बेहतर मंच मिलेगा, इसलिए उसे ओमान भेजना चाहिए। इसके बाद वर्ष 2021 में विनायक ओमान चले गए और वहां घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया।
2024 में मिला इंटरनेशनल डेब्यू

विनायक को वर्ष 2024 में ओमान की राष्ट्रीय टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में जगह मिली। उन्होंने 14 दिसंबर 2024 को अपना पहला टी-20 इंटरनेशनल और 10 फरवरी 2025 को पहला वनडे इंटरनेशनल मुकाबला खेला। इसके बाद उन्होंने एशिया कप और टी-20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भी ओमान का प्रतिनिधित्व किया।
अब सौंपी गई कप्तानी की जिम्मेदारी
बेहतरीन प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए ओमान क्रिकेट बोर्ड ने विनायक शुक्ला को टीम का कप्तान नियुक्त किया है। अब वह आगामी वनडे विश्व कप की तैयारियों में टीम का नेतृत्व करेंगे।
‘मन की बात’ में भी हुआ था जिक्र
22 फरवरी 2026 को प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में दुनिया के अलग-अलग देशों से खेल रहे भारतीय मूल के खिलाड़ियों का उल्लेख किया गया था। इस दौरान विनायक शुक्ला का नाम भी लिया गया था।