मोबाइल की टॉर्च से बस चलाने का मामला: कर्नाटक सरकार ने चालक समेत तीन कर्मचारियों को किया सस्पेंड

Knews Desk- कर्नाटक में एक चलती बस के अंदर मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में सफर करने का मामला सामने आने के बाद सियासत तेज हो गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में रात के समय एक बस को बिना हेडलाइट के चलते हुए दिखाया गया था। इसके बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए परिवहन व्यवस्था की बदहाली और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए थे।

मामला बढ़ने के बाद अब कर्नाटक सरकार ने कार्रवाई की है। सरकार ने बस को मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में चलाने वाले चालक समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। कर्नाटक के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने इसकी जानकारी साझा की है। जानकारी के मुताबिक, यह मामला कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (केकेआरटीसी) की बस से जुड़ा है। आरोप है कि रात के समय बस की हेडलाइट खराब हो गई थी। इसके बावजूद चालक ने बस को रोककर समस्या का समाधान कराने के बजाय मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में ही यात्रा जारी रखी।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर रात में बस की लाइट खराब थी, तो उसे सड़क पर चलाने की अनुमति क्यों दी गई। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है। विपक्ष का कहना था कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

विवाद बढ़ने के बाद परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद केकेआरटीसी के चालक समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी कर्मचारी की लापरवाही से यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।

फिलहाल चालक और अन्य कर्मचारियों के निलंबन के बाद यह मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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