छतरपुर की रहने वाली आकृति शहर में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थीं। उनकी शादी 24 अप्रैल 2026 को उनकी बचपन की सहेली अगस्तिका के भाई अरुस्तु सिक्का से हुई थी। शादी को अभी केवल तीन महीने ही हुए थे। परिजनों का आरोप है कि दहेज को लेकर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता था और फोन रिसीव न करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। शादी के बाद जब वह पहली बार अपने काम पर लौटीं, उसी दिन उनकी मौत की खबर सामने आई। आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
Knews Desk- दिल्ली पुलिस ने 28 साल की आकृति सुतार की मौत के मामले में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया है और उसके पति अरस्तु सिक्का को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को यह जानकारी दी है. सिर्फ 72 दिन पहले शादीशुदा आकृति की शनिवार शाम को दिल्ली के लोधी कॉलोनी इलाके में एक बिल्डिंग से गिरने से मौत हो गई.
पुलिस ने FIR में कहा कि आकृति 4 जुलाई को लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन के इलाके में पालिका कुंज में NDMC फ्लैट्स से कथित तौर पर गिरने के बाद घायल मिली थी. उसे नई दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
आकृ की मां, अनु सुतार ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी बेटी की हत्या उसके पति और ससुराल वालों ने की है. मां ने कहा कि फोन नहीं उठा पाने की वजह से उसे पीटते थे और दहेज मांगते थे.
मां ने शिकायत में क्या कहा ?
अपनी शिकायत में आकृति की मां ने कहा कि उसका पति अरस्तु और उसकी बहन अगस्तिका अपने परिवार के दूसरे लोगों के साथ मिलकर, उसकी नई शादीशुदा बेटी पर नौकरी छोड़ने और बच्चा पैदा करने का दबाव बना रहे थे. उसने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही आकृति को दहेज के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था.
फोन नहीं उठा पाई तो बेल्ट से पीटा, दहेज मांगते थे
आकृति की मां की ओर से की गई शिकायत मे लिखा था “आकृति अपने पति अरस्तु से उसकी बहन अगस्तिका के ज़रिए मिली थी. वो आकृति की स्कूल फ्रेंड थी. इस साल लव-कम-अरेंज मैरिज से पहले दोनों ने दो साल तक डेट किया. शादी से पहले, आकृति ने अपने ससुराल वालों से साफ-साफ कह दिया था कि वह शादी के बाद भी अपनी नौकरी जारी रखेगी क्योंकि उसका भाई दीपू बहुत छोटा है और वह उसे पैसे से सपोर्ट करना चाहती है.”
नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया
मां अनु सुतार ने कहा कि दूल्हे के परिवार ने आकृति की शर्तें मान ली थीं और भरोसा दिलाया था कि शादी के बाद वह अपनी मां और भाई से मिल सकेगी. उन्होंने कहा, “हम इन्हीं भरोसे के आधार पर शादी के लिए मान गए थे.”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि शादी के बाद अरस्तु का बर्ताव पूरी तरह बदल गया. शिकायत में कहा गया, “जब मेरी बेटी ने अपनी नौकरी पर लौटने की कोशिश की, तो उसे नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया. जब उसने काम जारी रखने की रिक्वेस्ट की, तो परिवार ने उसकी नौकरी और घर के कामों के बीच मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश की ताकि वह खुद ही अपना काम छोड़ने के लिए मजबूर हो जाए.”
मौत की खबर कैसे मिली?
4 जुलाई की सुबह, आकृति ने फोन करके बताया कि वह अपने काम पर चली गई है और उसके बाद उसका फोन बंद है. उन्होंने आगे कहा, “रात में अगस्तिका ने मुझे फोन किया और मुझ पर इल्जाम लगाया कि मैंने अपनी बेटी को घर पर छिपा रखा है. मैंने मना कर दिया, कहा, “मैं ऐसा क्यों करूंगी?” अरस्तु भी मुझ पर चिल्लाया और मुझ पर इल्ज़ाम लगाया कि मैंने अपनी बेटी को छिपा रखा है. उसने यह भी इल्जाम लगाया कि वह किसी और के साथ भाग गई है. उसने मुझे उसके पिता को आकृति के साथ मारपीट करने के बारे में बताने के लिए भी डांटा.”
परिवार को रात करीब 9-10 बजे पता चला, जब लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अफसर ने आकृति का फोन उठाया और परिवार को पुलिस स्टेशन आने को कहा.
20 लाख रुपये दहेज की मांग
आकृति की मां और उसके चाचा मनंजय सुतार ने कहा कि परिवार ने उसकी शादी में 7 से 8 लाख रुपये खर्च किए थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि उसका पति और उसके रिश्तेदार 20 लाख रुपये मांग रहे थे और बार-बार उसे धमका रहे थे और उसके साथ बुरा बर्ताव कर रहे थे.
मां ने कहा, “मेरी बेटी के ससुराल वाले लगातार दहेज मांग रहे थे. वे 20 लाख रुपये मांग रहे थे. मेरी बेटी बहुत मजबूत थी. वह सुसाइड नहीं कर सकती. यह सुसाइड नहीं है. यह पहले से प्लान किया गया मर्डर है. उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला.”
उसके छोटे भाई, अमय सुतार ने भी सुसाइड की बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया और कहा कि आकृति दिमागी तौर पर मजबूत थी और वह कभी इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकती थी.