KNEWS DESK – रितेश देशमुख ने अपने करियर में कॉमेडी, सीरियस और विलेन जैसे अलग-अलग किरदारों से बॉलीवुड में खास पहचान बनाई है। उन्होंने फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया। हालांकि, उनके करियर के शुरुआती दौर में उन्हें अक्सर एक खास टैग का सामना करना पड़ा कि उनके पिता मुख्यमंत्री थे, इसलिए उन्हें फिल्में आसानी से मिल जाती हैं और उनकी फिल्में सफल रहती हैं।
रियलिटी शो ‘लॉकअप: सच या सज़ा’ में हाल ही में हुए एक टास्क के दौरान रितेश देशमुख ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। कंटेस्टेंट योगेश रावत की बातों का जवाब देते हुए उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे उन्होंने इस तरह के आरोपों का सामना किया।
योगेश रावत ने शो में कहा कि उन्हें ‘धोखेबाज’ जैसे टैग से काफी मानसिक परेशानी हुई है और लोग बिना पूरी सच्चाई जाने उन्हें जज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कहानी का सिर्फ एक पक्ष सामने आना गलत है और इससे उनकी छवि पर असर पड़ा है।
इसके जवाब में रितेश देशमुख ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा था, तब भी लोगों ने कहा था कि उनके पिता सीएम हैं, इसलिए उन्हें काम मिल रहा है और उनकी फिल्में चल रही हैं। रितेश ने बताया कि उन्होंने इस टैग को तोड़ने के लिए सालों तक मेहनत की और आज 23 सालों में 60 से ज्यादा फिल्मों का सफर पूरा किया है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी इंसान पर लगे टैग को बदलने में समय लगता है, लेकिन मेहनत और लगन से उसे तोड़ा जा सकता है। रितेश का यह बयान शो में मौजूद सभी कंटेस्टेंट्स के लिए प्रेरणादायक रहा।
वर्क फ्रंट की बात करें तो रितेश देशमुख ने बॉलीवुड के साथ-साथ मराठी सिनेमा में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है और मराठी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में न सिर्फ अभिनय किया बल्कि निर्देशन भी किया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
‘लॉकअप’ शो में इस समय 14 कंटेस्टेंट्स हिस्सा ले रहे हैं और शो का फॉर्मेट काफी चुनौतीपूर्ण है। आने वाले एपिसोड्स में शिल्पा शिंदे की एंट्री से शो में और भी नए ट्विस्ट देखने को मिल सकते हैं।