आगरा में 38 हजार की बाइक पर 1.5 लाख का जुर्माना, 156 चालान, प्रशासन ने 654 वाहनों पर कसा शिकंजा

Knews Desk- आगरा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पैशन प्रो बाइक पर पिछले पांच वर्षों में 156 बार चालान काटा गया है। इन चालानों के चलते वाहन पर करीब 1.5 लाख रुपये का जुर्माना हो चुका है, जबकि बाइक की मौजूदा कीमत मात्र 38 हजार रुपये बताई जा रही है।

यह मामला 2021 से 2026 के बीच का है, जिसमें शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए लगातार नियम उल्लंघन दर्ज हुआ। इनमें रेड लाइट जंप, बिना हेलमेट वाहन चलाना और ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी जैसे मामले शामिल हैं। कैमरे हर बार वाहन नंबर को स्कैन कर अपने आप ई-चालान जनरेट करते रहे, जबकि वाहन मालिक इन संदेशों को नजरअंदाज करता रहा।

परिवहन विभाग के अनुसार, ऐसे कई वाहन चालक हैं जो बार-बार नियम तोड़ते हैं और चालान का भुगतान नहीं करते। एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार सिंह ने बताया कि ये चालान पूरी तरह डिजिटल सिस्टम के जरिए बनते हैं और वाहन स्वामी के मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। इसके बावजूद कई लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते।

इसी तरह के मामलों को देखते हुए परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आगरा में कुल 654 ऐसे वाहनों की पहचान की गई है, जिन पर लगातार चालान बकाया है। इन सभी वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर नोटिस भेजा गया है और चेतावनी दी गई है कि तय समय में जुर्माना नहीं भरने पर उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा।

अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि इसके बाद भी वाहन सड़क पर चलते पाए गए, तो उन्हें जब्त किया जाएगा और वाहन मालिकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई आदतन ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए जरूरी है।

इस बीच सवाल यह भी उठ रहा है कि एक सामान्य बाइक पर इतना बड़ा जुर्माना कैसे पहुंच गया। विभाग के अनुसार, वाहन की कीमत का निर्धारण इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (IDV) के आधार पर होता है, जिसमें उम्र और घिसावट के अनुसार गाड़ी की कीमत घटती जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत बाइक की कीमत 38 हजार रुपये आंकी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि लगातार चालान और बकाया राशि यह संकेत देती है कि कई वाहन चालक नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे मामलों में अब डिजिटल निगरानी और सख्त कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प है।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से कराया जा सके।

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