Knews Desk- ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कथित अंतिम संस्कार और उससे जुड़े घटनाक्रमों के बीच उनके बेटे और वर्तमान शीर्ष नेतृत्व से जुड़े मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से अनुपस्थित रहने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई न केवल अपने पिता के कथित राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे, बल्कि इससे पहले अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार से भी दूरी बनाए रहे थे।
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, यह फैसला मुख्य रूप से सुरक्षा कारणों के चलते लिया गया है। भारत में मौजूदा ईरानी नेतृत्व के प्रतिनिधि अयातुल्ला हाकिम इलाही ने दावा किया है कि हाल के समय में क्षेत्रीय तनाव और कथित धमकियों को देखते हुए मोजतबा खामेनेई का किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होना जोखिम भरा माना गया है। बताया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इसी वजह से यह निर्णय लिया गया कि वे किसी भी सार्वजनिक शोक या अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल न हों। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पूर्व में उनकी पत्नी के अंतिम संस्कार में भी उनकी अनुपस्थिति इसी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा थी।
इस घटनाक्रम ने ईरान की राजनीतिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है। मोजतबा खामेनेई को देश के सत्ता ढांचे में एक महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है और उनके लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने पर नेतृत्व, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि पूर्व सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर को कई स्थानों पर ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना जताई गई है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, राजधानी में होने वाले सार्वजनिक विदाई कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
क्षेत्रीय तनाव भी इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हाल के दिनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बयानबाजी और चेतावनियों के कारण स्थिति और संवेदनशील हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरानी नेतृत्व को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
इसी बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के प्रयास भी जारी हैं। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच अलग-अलग दौर की चर्चाएं हुई हैं, जिनमें तनाव कम करने और संवाद जारी रखने पर सहमति बनने की बात कही गई है।
4 से 9 जुलाई के बीच ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना दिया है, जिससे ईरान की आंतरिक राजनीति पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।