डिजिटल डेस्क- केंद्र सरकार ने देश को पूरी तरह नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बना दिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए “मादक पदार्थ नियंत्रण पर विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029” और “एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट-2025” का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने जम्मू और गुवाहाटी में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नए जोनल कार्यालयों का ई-उद्घाटन भी किया। बैठक के दौरान गृह मंत्री ने ‘ऑनलाइन ड्रग्स डिस्पोजल फोर्टनाइट कैंपेन’ की शुरुआत की, जिसके तहत देश भर में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2,09,500 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट करने का विशाल लक्ष्य रखा गया है।
‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ होगी नई त्रिशूलीय रणनीति
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में ड्रग्स के पूरे नेटवर्क और उसके इकोसिस्टम पर ऐसा प्रहार किया जाएगा कि वह दशकों तक दोबारा सिर न उठा सके। नार्को-आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अब सरकार ‘Detect, Disrupt and Destroy’ की रणनीति पर काम करेगी। इस रणनीति के तहत Detect (पहचान) के जरिए सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीक और मानव खुफिया तंत्र से ड्रग नेटवर्क और कार्टेल की पहचान की जाएगी। Disrupt (अवरोध) के माध्यम से तस्करों के वित्तीय नेटवर्क, हवाला, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन, सप्लाई चेन और अवैध लैब्स को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। वहीं Destroy (समूल विनाश) के तहत मुख्य सरगनाओं (किंगपिन) को सख्त सजा दिलाना, अवैध खेती का सफाया करना और पुनर्वास के जरिए ड्रग्स की मांग को कम करना सुनिश्चित किया जाएगा।
2026-2029 के विजन डॉक्यूमेंट के चार प्रमुख स्तंभ
सरकार का नया विजन डॉक्यूमेंट मुख्य रूप से चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इसमें पहला स्तंभ एनफोर्समेंट, इंटेलिजेंस और ऑपरेशन को और अधिक मजबूत बनाना है। दूसरा स्तंभ प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स के उत्पादन पर पूरी तरह रोक लगाना है। तीसरे स्तंभ के रूप में डिमांड रिडक्शन और रिहैबिलिटेशन के जरिए सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि चौथे स्तंभ के तहत कैपेसिटी बिल्डिंग एवं बेहतर समन्वय के माध्यम से जांच एजेंसियों को आधुनिक और जवाबदेह बनाया जाएगा। सरकार इस पूरी रणनीति को ‘Whole of Government’ और ‘Whole of Society’ अप्रोच के तहत जमीन पर उतारेगी।
राज्यों को निर्देश: ANTF को करें मजबूत, ED और PMLA से कसें शिकंजा
गृह मंत्री ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को पूर्णकालिक, संसाधनयुक्त और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने यह भी अनिवार्य किया कि बड़े एनडीपीएस (NDPS) मामलों में ईडी (ED) और पीएमएलए (PMLA) के तहत वित्तीय जांच की जाए, ताकि अपराधियों की काली कमाई और संपत्तियों को जब्त किया जा सके। इसके साथ ही राज्यों से विशेष NDPS अदालतों के गठन में तेजी लाने को कहा गया है। विदेशों में पनाह लिए बैठे ड्रग माफियाओं और गैंगस्टरों के खिलाफ सीबीआई के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
2014 से 2026 तक के रिकॉर्ड आंकड़े और 2047 का महा-संकल्प
केंद्रीय गृह मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में ऐतिहासिक सफलता मिली है। इस अवधि के दौरान करीब 1.18 करोड़ किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 1.84 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा 89,896 करोड़ रुपये मूल्य की 42.47 लाख किलोग्राम ड्रग्स को नष्ट किया जा चुका है। इन वर्षों में कुल 8.75 लाख NDPS मामले दर्ज कर 10.97 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया। अकेले वर्ष 2025 में 42,282 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया। अमित शाह ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि ड्रग्स के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार या किसी एक एजेंसी की नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों को भी आगे आना होगा। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इस सामूहिक सहयोग से साल 2047 तक विकसित भारत के साथ-साथ ‘नशामुक्त भारत’ का सपना साकार होकर रहेगा।