डिजिटल डेस्क- लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की और साफ लहजे में निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। सीएम के इस कड़े आदेश के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा और अग्निशमन मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया गया है।
कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन का भारी शिकंजा
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी गाज कोचिंग सेंटरों पर गिरी है, जहाँ सुरक्षा से समझौता कर हजारों छात्रों की जान जोखिम में डाली जा रही थी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने लोक सेवा आयोग के पास स्थित खान सर की कोचिंग ‘ग्लोबल स्टडीज’ को अवैध इमारत में चलने के कारण सील कर दिया है। इसी तरह वाराणसी में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दुर्गाकुंड के आकाश इंस्टीट्यूट, कबीर नगर की एल1 कोचिंग और संकट मोचन स्थित एलन कोचिंग पर ताला जड़ दिया। कानपुर में भी सुरक्षा खामियों के चलते ‘फिजिक्स वाला’ सेंटर समेत कई बड़े संस्थानों को सील किया गया है।
होटलों पर कार्रवाई और बिजली कनेक्शनों का फर्जीवाड़ा
प्रशासन का यह चाबुक सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका दायरा अन्य कमर्शियल जगहों तक भी पहुंच गया है। प्रयागराज में फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाले 86 गेस्ट हाउस, होटलों और बैंक्वेट हॉलों के रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं, हादसे की जांच कर रही एसआईटी (SIT) को छानबीन में यह भी पता चला है कि कई व्यावसायिक इमारतों में नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से कमर्शियल बिजली कनेक्शन लिए गए थे, जो एक गंभीर लापरवाही है।
6 पीसीएस अधिकारी दोषी और प्रशासनिक फेरबदल
इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई सुपरवाइजरों और मेट का ट्रांसफर कर दिया गया है। अब तक की एसआईटी जांच में 6 पीसीएस अधिकारियों को भी दोषी पाया गया है। सरकार के इस चौतरफा और कड़े एक्शन ने यह साफ संदेश दे दिया है कि नियमों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी रसूखदार संस्थान या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।