KNEWS DESK- बरसात और बदलते मौसम में बुखार के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इस समय सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि मलेरिया और वायरल फीवर के लक्षण अक्सर एक जैसे लगते हैं, जिससे लोग कंफ्यूज होकर इलाज में देरी कर देते हैं। यही देरी कई बार गंभीर स्थिति का कारण बन सकती है।
मलेरिया और वायरल में फर्क समझना क्यों जरूरी है?
डॉक्टरों के अनुसार वायरल फीवर आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, जबकि मलेरिया एक परजीवी संक्रमण है, जो समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए दोनों के बीच सही पहचान बेहद जरूरी है।
एक्सपर्ट की राय क्या कहती है?
डॉ. अमित प्रकाश सिंह (कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, सीके बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली) के अनुसार शुरुआती दौर में दोनों बीमारियों के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं, जैसे— बुखार, शरीर दर्द, थकान और कमजोरी, भूख कम लगना इसी वजह से लोग अक्सर इसे सामान्य वायरल समझकर खुद से दवाएं लेना शुरू कर देते हैं, जो आगे चलकर नुकसानदायक हो सकता है।
वायरल फीवर के सामान्य लक्षण
वायरल इंफेक्शन आमतौर पर हल्का और कुछ दिनों तक रहने वाला होता है। इसके मुख्य लक्षण हैं—हल्का या मध्यम बुखार, सर्दी-जुकाम या गले में खराश, शरीर में दर्द, थकान, भूख कम लगना सही आराम और पर्याप्त पानी लेने से यह ठीक हो जाता है।
मलेरिया के मुख्य लक्षण
मलेरिया में लक्षण ज्यादा तीव्र और अलग पैटर्न में दिखाई देते हैं—
- तेज बुखार जो बार-बार आता है
- ठंड लगकर कंपकंपी होना
- ज्यादा पसीना आना
- मतली और उल्टी
- अचानक कमजोरी बढ़ना
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
मलेरिया कब बन सकता है गंभीर?
अगर मलेरिया का समय पर इलाज न किया जाए तो यह कई जटिलताएं पैदा कर सकता है, जैसे— खून की कमी (एनीमिया) लिवर और किडनी पर असर, दिमागी संक्रमण (सेरेब्रल मलेरिया) इसलिए शुरुआती पहचान और इलाज बहुत जरूरी है।
सही पहचान कैसे करें? जांच है सबसे जरूरी
डॉक्टरों के अनुसार सिर्फ लक्षण देखकर फर्क करना मुश्किल है। इसलिए ब्लड टेस्ट करवाना जरूरी है। रैपिड मलेरिया टेस्ट कराएं। लगातार बुखार होने पर डॉक्टर से मिलें। खासकर बारिश के मौसम में या मलेरिया-प्रभावित क्षेत्र से लौटने के बाद सावधानी और बढ़ जाती है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर बुखार—
- 2–3 दिन से ज्यादा बना रहे
- बार-बार तेज हो रहा हो
- कंपकंपी के साथ आ रहा हो
- कमजोरी लगातार बढ़ रही हो
तो तुरंत मेडिकल सलाह लेना जरूरी है।
मलेरिया और वायरल फीवर के शुरुआती लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं, लेकिन दोनों की गंभीरता और इलाज अलग होता है। सही समय पर जांच और इलाज से न सिर्फ बीमारी जल्दी ठीक होती है, बल्कि गंभीर जोखिमों से भी बचाव संभव है।