उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट , कर्णप्रयाग बाजार में निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कुछ निहंग श्रद्धालु नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़ने और पारम्परिक शस्त्रों का प्रदर्शन करने का आरोप लगा है. निहंग सिखों पर गुरुद्वारे पर कब्जा का भी आरोप लगा है.डीएम विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर मौके पर डटे रहे. गुरुद्वारा संचालकों से बातचीत चल रही है.घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम मौके पर तैनात रही.प्रशासन ने एहतियातन गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी.बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे नगरासू क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारे को लेकर उत्पन्न विवाद ने पूरे जिले की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.जो यात्रा रूट पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर विषय है,शनिवार दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुआ घटनाक्रम रविवार तक भी थमता नजर नहीं आया.बताया जा रहा है कि 8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे के भीतर डटे हुए हैं.एक श्रद्धालु भी उनके साथ भीतर मौजूद है.घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच गए.आज प्रशासन ने काफी समझाने के बाद नगरासू गुरुद्वारे को निहंग सिखों से मुक्त करा लिया गया है. निहंग सिखों का कहना है,की गुरुद्वारे से विवाद होने की वजह से और पुलिस के आने से ये कदम उठाना पड़ा ऐसे में सवाल यही है.एक तरफ चार धाम यात्रा के साथ हेमकुंड की यात्रा अपने पूरे चरम पर है.ऐसे में कुछ बाहरी लोगों की वजह से यात्रा पर इसका गलत मैसेज देखने को मिला है.जो बेहद चिंता का विषय है.जिस पर विपक्ष ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर कई सवाल खड़े कर दिए है.
नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून को हुई घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुरुद्वारे की स्थिति नियंत्रण में है. हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुचारू एवं निर्बाध रूप से संचालित हो रही है.अधिकारियों ने आमजन, स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है.खबर ये भी की नगरासू गुरुद्वारे की सबसे ऊपरी मंजिल पर मौजूद निहंग अपने उन साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े हैं, जिन्हें बीते 16 जून को कर्णप्रयाग की तलवारबाजी की घटना के मामले में गिरफ्तार किया गया है.जो इस विवाद की जड़ बताया जा रहा है.वही गुरुद्वारे को निहंग सिखों से मुक्त करा लिया गया है.लेकिन अब इस पर राजनीतिक माहौल भी बेहद गरमा गया है.
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा अपने चरम पर हैं.और तब जब लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में उत्पन्न हुआ तनाव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया.उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हाल ही में हुई घटना को किसी भी हालत में धार्मिक विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. मामले को सांप्रदायिक एंगल देने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.वही विपक्षी दलों ने सरकार पर हल्ला बोला है,कि नगरासू की पूरी घटना चिंताजनक और पीड़ा जनक बताया.सालों से चारधाम यात्रा शांतिपूर्वक ढंग से संचालित हो रही है.लेकिन पिछले कुछ सालों से उन्माद और डर का माहौल बना दिया गया है. 6-7 लोगों की अराजकता ने पूरी यात्रा को डिस्टर्ब किया है.ऐसे में सवाल यह है,की शांत वादियों के प्रदेश की आबोहवा को कौन लोग ख़राब करने का प्रयास कर रहे है.जिसके लिए सरकार को भी बेहद सचेत रहने की अति आवश्यकता है.क्योंकि अभी कावड़ यात्रा के साथ कुम्भ का बड़ा आयोजन भी प्रदेश में होना बाकि है.