KNEWS DESK- देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का आयोजन आज देशभर में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया जा रहा है। लगभग 22 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। पिछले वर्ष पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जा रही है। इसके लिए देशभर में 5,440 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में आयोजित होगी। कुल 95,000 से अधिक परीक्षा कक्ष तैयार किए गए हैं, जिनमें व्यापक निगरानी व्यवस्था की गई है।
परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार 1.38 लाख से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। सभी कैमरों की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से की जाएगी। परीक्षा सामग्री की ढुलाई GPS ट्रैकिंग के माध्यम से होगी और संवेदनशील केंद्रों पर पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था भी की गई है।
नकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग को रोकने के लिए 51,000 से अधिक जैमर लगाए गए हैं। इसके अलावा अभ्यर्थियों की जांच मेटल डिटेक्टर, फ्रिस्किंग और आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए की जाएगी। पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है।
परीक्षा संचालन के लिए 2 लाख से अधिक कर्मियों को लगाया गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर अतिरिक्त परीक्षा कर्मी, दो-दो इनविजिलेटर, सुरक्षा स्टाफ और तकनीकी अधिकारी मौजूद रहेंगे। लगभग 6,700 ऑब्जर्वर और 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
इसके अलावा 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों की भी नियुक्ति की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) तैनात रहेगा, जो तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा।
इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भी मदद ली जा रही है। CCTV फुटेज का AI आधारित विश्लेषण किया जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पहचान हो सके। पुलिस, अर्धसैनिक बल, भारतीय वायु सेना और डाक विभाग समेत कई एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने में सहयोग कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकना अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। पिछले वर्ष सामने आए विवादों के बाद इस बार NTA पर निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने का भारी दबाव है।
गोपनीय परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए लगभग 1,500 बैंक शाखाओं में विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। वहीं OMR शीट्स के संग्रह और परिवहन के लिए देशभर में करीब 700 कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, ORS, चिकित्सा सहायता और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। अभिभावकों के लिए छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र भी तैयार किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉल क्लॉक लगाई गई है तथा अभ्यर्थियों को अतिरिक्त रफ वर्क शीट उपलब्ध कराई जाएगी।
NTA ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों तथा फर्जी पेपर लीक दावों से सतर्क रहने की अपील की है। एजेंसी ने कहा है कि केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक जानकारी से बचें।
आज होने वाली यह परीक्षा केवल लाखों छात्रों के भविष्य का फैसला नहीं करेगी, बल्कि NTA की विश्वसनीयता और परीक्षा प्रणाली में जनता के भरोसे की भी बड़ी परीक्षा साबित होगी।