डिजिटल डेस्क- पटना में देश के चर्चित शिक्षक खान सर की ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ और रोशन आनंद की ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के बीच उपजे हालिया विवाद, तोड़फोड़ और भारी हंगामे के बाद बिहार सरकार ने कोचिंग संस्थानों को लेकर एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेने का संकेत दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा है कि पटना शहर के भीतर और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना किसी नियम-कायदे (अनरेगुलेटेड) के चल रहे कोचिंग संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से शहर के बाहर शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए सरकार एक विशेष ‘ऑर्गनाइज्ड कोचिंग जोन’ बनाने पर काम कर रही है।
क्या था खान सर और रोशन आनंद विवाद का पूरा मामला?
सरकार के इस बड़े फैसले की पृष्ठभूमि में पटना के प्रमुख कोचिंग ऑपरेटरों के बीच चल रहा तीखा विवाद है। दरअसल, बीती 4 जून को पटना में ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के संस्थान में जमकर तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रोशन आनंद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर सुरक्षाकर्मियों से जुड़े कई वीडियो वायरल हुए और दोनों पक्षों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। हालांकि बाद में अदालत से कुछ कानूनी राहत जरूर मिली, लेकिन इस विवाद ने पटना की कानून व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिससे सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
पटना के बाहर बनेगा व्यवस्थित ‘कोचिंग हब’ और नई टाउनशिप
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे शैक्षणिक संस्थानों के क्लस्टर को व्यवस्थित करना और बेहतर अर्बन प्लानिंग (शहरी विकास) को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना पर बिना प्लानिंग के बढ़ रहे शहरी दबाव को कम करने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सरकार 66,000 एकड़ जमीन पर एक भव्य ‘नई टाउनशिप’ का निर्माण करने जा रही है। इस टाउनशिप के जरिए पूरे बिहार में शहरी विकास का एक ज्यादा स्ट्रक्चर्ड और सस्टेनेबल (सतत) मॉडल पेश किया जाएगा।
सब्जी मंडियों का आधुनिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान
कोचिंग हब और नई टाउनशिप के अलावा, मुख्यमंत्री ने पटना के विकास के लिए कई अन्य उपायों की भी घोषणा की। सरकार अब पटना के हर वार्ड में ‘मॉडर्न सब्जी मंडी’ बनाने की योजना पर काम कर रही है, जहां दूध, सब्जी और मछली जैसी जरूरी चीजें एक ही व्यवस्थित सिस्टम के तहत जनता को मिल सकेंगी। इसके साथ ही, मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भारी बारिश से पहले सभी सड़कों और ड्रेनेज (जल निकासी) सिस्टम की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए और मानसून के दौरान किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए सड़कों की खुदाई न की जाए।
गंगा की सफाई और सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर
शहरी विकास के इस बड़े खाके में पर्यावरण संरक्षण और खासकर गंगा नदी की स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने पटना के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों के ड्रेनेज को सरकारी सीवरेज नेटवर्क से जोड़ें, ताकि गंदे पानी को सीधे गंगा में बहाने के बजाय पहले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में पूरी तरह ट्रीट (साफ) किया जा सके। सरकार की इस लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का मुख्य उद्देश्य पटना को जाम, भीड़भाड़ और प्रदूषण से मुक्त कर एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर में तब्दील करना है।