सतीश गुप्ता- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहाँ के जिला खनन अधिकारी संजय प्रताप सिंह को एंटी करप्शन (विजिलेंस) की टीम ने ₹24,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे उनके आवास के पास जाल बिछाकर की गई इस अचानक कार्रवाई से पूरे जिले के प्रशासनिक और खनन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य से काम के बदले मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, खनन अधिकारी संजय प्रताप सिंह के चालक (ड्राइवर) ने एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य से उनका कोई काम कराने के एवज में रुपयों की मांग की थी। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामला ₹24,000 की रिश्वत पर तय हुआ। हालांकि, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भ्रष्टाचार के आगे झुके नहीं और उन्होंने इसकी गुप्त शिकायत तुरंत एंटी करप्शन संगठन से कर दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पूरे मामले का बारीकी से सत्यापन किया और अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक पुख्ता योजना तैयार की।
आवास के पास जैसे ही थामे नोट, दबोच लिए गए साहब
तय रणनीति के तहत, शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे एंटी करप्शन टीम के सदस्य खनन अधिकारी के आवास के पास सादे कपड़ों में मुस्तैद हो गए। जैसे ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य से रिश्वत के ₹24,000 का लेन-देन हुआ, टीम ने तुरंत घेराबंदी करते हुए खनन अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके ड्राइवर को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम दोनों को अपनी चार पहिया गाड़ी में बिठाकर सीधे फतेहगढ़ कोतवाली लेकर पहुंची, जहाँ आरोपियों को हिरासत में रखकर आगे की कानूनी लिखापढ़ी की जा रही है।
कानपुर में दर्ज होगी एफआईआर, साक्ष्य जुटाने में लगी टीम
खनन अधिकारी की गिरफ्तारी की खबर बिजली की तरह फैलते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। इस मामले में एंटी करप्शन की टीम गिरफ्तार अधिकारी के पास से बरामद केमिकल लगे नोटों समेत अन्य आवश्यक तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है। मामले की जानकारी देते हुए फतेहगढ़ के कोतवाली प्रभारी ने बताया कि विजिलेंस की टीम फिलहाल कोतवाली में जांच और पूछताछ कर रही है, और इस पूरे भ्रष्टाचार के मामले की एफआईआर (FIR) कानपुर में दर्ज कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि विधिक जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत विवरण आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किया जाएगा।