KNEWS DESK – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या और गोंडा के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरे को लेकर प्रशासन ने विस्तृत प्रोटोकॉल तैयार किया है, लेकिन इसी प्रोटोकॉल में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े एक बदलाव ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों में आमतौर पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की उपस्थिति रहती है, लेकिन इस बार जारी प्रोटोकॉल में उनकी जगह ट्रस्ट के प्रतिनिधि को शामिल किए जाने की बात कही गई है।
प्रोटोकॉल में बदलाव से बढ़ी चर्चाएं
प्रशासनिक सूची में चंपत राय का नाम न होने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अब तक किसी भी आधिकारिक बयान में इस बदलाव के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की गई है।
गौरतलब है कि चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं और अयोध्या से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
हाल के दिनों में उनके नाम से जुड़ी कुछ शिकायतों और एसआईटी पूछताछ की खबरों के चलते भी यह मामला चर्चा में आया है। हालांकि, अभी तक प्रशासन या ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि प्रोटोकॉल बदलाव का इन घटनाओं से कोई संबंध है।
7.5 घंटे का व्यस्त दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा करीब साढ़े सात घंटे का होगा, जिसमें धार्मिक, प्रशासनिक और विकास परियोजनाओं से जुड़े कई कार्यक्रम शामिल हैं।
योजना के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह 10:35 बजे अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र स्थित मां कामाख्या धाम हेलीपैड पर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दर्शन-पूजन, विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
दोपहर में वे गोंडा जाएंगे, जहां लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वे वापस अयोध्या लौटकर हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन करेंगे।
धार्मिक कार्यक्रमों में भी होंगे शामिल
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हनुमानगढ़ी में दर्शन, रामलला के दर्शन, जैन मंदिर कार्यक्रम और रामायण वैक्स म्यूजियम के उद्घाटन जैसे कई धार्मिक आयोजनों में भी शामिल होंगे। शाम 6 बजे मुख्यमंत्री लखनऊ के लिए रवाना होंगे, जिसके साथ उनका यह महत्वपूर्ण दौरा संपन्न होगा।