Knews Desk- अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान और बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के कथित गायब होने के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अयोध्या में “महापाप और महाघोटाले” के पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश-विदेश से आई लगभग 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाएं, जिनमें सोना, चांदी और रत्न जड़े होने की बात कही जा रही है, उनके गायब होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन शिलाओं और दान की व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
इस विवाद के बीच एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है। संतोष दूबे नामक व्यक्ति ने थाना रामजन्मभूमि में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए सोना, चांदी, आभूषण और नकद दान के प्रबंधन में गड़बड़ी हुई है। शिकायत में दान-पात्र और बहुमूल्य वस्तुओं के हिसाब-किताब में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो लगातार मंदिर परिसर में पूछताछ और जांच कर रहा है। टीम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विजय विश्वास पंत, एस. किरण और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अब तक कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
वहीं, विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेताओं ने इसे आस्था से खिलवाड़ बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला अब राजनीतिक रूप से और अधिक गरमाता जा रहा है।