प्रमोद दीक्षित- उत्तर प्रदेश के इटावा शहर में फर्जी तरीके से वीआईपी रौब झाड़ने और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है। शहर की यातायात पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसी लग्जरी कार को जब्त (सीज) किया है, जिस पर अवैध रूप से लाल-नीली बत्ती, हूटर और “विधायक” लिखा हुआ फर्जी पास लगा हुआ था। पुलिस ने न केवल इस अवैध वीआईपी कार को सीज कर थाने भिजवाया, बल्कि वाहन स्वामी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत ₹20,000 का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोक दिया।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, नौरंगाबाद चौराहे पर धरी गई कार
यह पूरा मामला रविवार का है, जब वीकेंड पर यातायात पुलिस शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी थी। इसी दौरान यातायात पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि एक आलीशान लग्जरी कार नुमाइश चौराहे की तरफ से बेहद तेज गति में हूटर बजाते हुए और लाल-नीली बत्ती चमकाते हुए शहर के मुख्य बाजार वाले इलाके की तरफ बढ़ रही है। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई। यातायात पुलिस के जवानों ने बिना वक्त गंवाए नौरंगाबाद चौराहे पर तत्काल सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। जैसे ही वह संदिग्ध कार चौराहे के पास पहुंची, पुलिस कर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया।
न पास के कागज मिले और न अनुमति, वीआईपी धौंस धरी की धरी रही
जब पुलिस टीम ने कार को रोककर उसकी बारीकी से जांच की, तो वे भी हैरान रह गए। कार के ऊपर अनधिकृत रूप से लाल-नीली वीआईपी बत्ती लगी हुई थी, भीतर हूटर लगा था और विंडस्क्रीन पर बकायदा उत्तर प्रदेश विधानसभा का “विधायक” लिखा हुआ एक फर्जी पास चस्पा था, ताकि चेकिंग के दौरान पुलिस उन्हें रोके नहीं। यातायात पुलिस ने जब कार चला रहे चालक से बत्ती, हूटर और विधायक पास से संबंधित वैध दस्तावेज और अनुमति पत्र दिखाने को कहा, तो चालक के पसीने छूट गए। वह पुलिस के सामने कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद उसका वीआईपी रौब पूरी तरह धरा का धरा रह गया।
वाहन संख्या UP16 AB 2240 सीज, यातायात प्रभारी ने दी सख्त चेतावनी
वैध कागजात न मिलने पर यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस ने वाहन संख्या UP16 AB 2240 को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया और क्रेन की मदद से उसे कोतवाली परिसर में लाकर खड़ा करवा दिया। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन मालिक का ₹20,000 का ऑनलाइन चालान भी काटा गया। यातायात प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि शहर में लाल-नीली बत्ती, हूटर और किसी भी तरह के वीआईपी प्रतीकों के अवैध और अनधिकृत उपयोग के खिलाफ हमारा यह अभियान लगातार जारी है। कानून से बढ़कर कोई नहीं है। भविष्य में भी जो कोई बिना अनुमति के ऐसे प्रतीकों का इस्तेमाल कर जनता और पुलिस पर धौंस जमाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ इससे भी ज्यादा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”