कैंची धाम मेला: मुख्य सड़क पर भंडारा लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

डिजिटल डेस्क- विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के पावन धाम ‘कैंची धाम’ के वार्षिक मेले को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी हैं। हर साल इस पावन मेले में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए उत्तराखंड की वादियों में पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और जाम की स्थिति से निपटना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती और प्राथमिकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी (डीएम) ने कैंची धाम मेले को लेकर बेहद सख्त और कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सड़क किनारे भंडारा लगाने से पैदा होती है गंभीर जाम की स्थिति

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि बाबा के दर्शन मार्ग, मुख्य सड़कों और भारी यातायात वाले रूटों पर किसी भी प्रकार का भंडारा या प्रसाद वितरण नहीं किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस इस नियम का पालन कराने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि मेले के दौरान मुख्य मार्गों या सड़क के ठीक किनारे भंडारा लगाने से अचानक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एक जगह इकट्ठा हो जाती है। इसके कारण न सिर्फ पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है, बल्कि संकरे पहाड़ी रास्तों पर वाहनों की रफ्तार थम जाती है और मीलों लंबा जाम लग जाता है। पहाड़ी मार्गों पर लगने वाला यह जाम आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बड़ा खतरा बन जाता है।

निजी परिसर या निर्धारित कॉरिडोर में ही मिलेगी भंडारे की अनुमति

जिलाधिकारी ने बाबा नीम करौली के भक्तों और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए एक वैकल्पिक रास्ता भी सुझाया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जो भी श्रद्धालु या स्वयंसेवी संस्था बाबा का प्रसाद बांटना चाहती है या भंडारे का आयोजन करना चाहती है, वह नियमों के दायरे में रहकर ऐसा कर सकती है। इसके लिए भंडारे का आयोजन केवल किसी निजी परिसर (प्राइवेट प्रॉपर्टी) या संस्था के अपने स्थान पर ही किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए निर्धारित कॉरिडोर और सुरक्षित मैदानों में ही लंगर लगाने की अनुमति होगी। मुख्य हाईवे, दर्शन के लिए बनी कतारों वाले मार्ग और मोड़ों पर किसी भी स्थिति में स्टॉल लगाने की इजाजत नहीं मिलेगी।

नियमों को तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, प्रशासन ने की सहयोग की अपील

प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी संस्था या व्यक्ति ने नियमों की अनदेखी की और मुख्य मार्ग पर यातायात को बाधित करते हुए भंडारा लगाया, तो उनके खिलाफ तुरंत वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कैंची धाम मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से सुखद हो, इसके लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रही हैं। नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने देश-विदेश से आने वाले सभी भक्तों, स्थानीय निवासियों और सेवादारों से अपील की है कि वे सरकारी गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें और देवभूमि की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दें।

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