डिजिटल डेस्क- उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मानसून की आहट के साथ ही सफर जानलेवा साबित होने लगा है। शुक्रवार दोपहर उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ की दारमा घाटी से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां दारमा घाटी मार्ग पर अचानक हुए भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण एक विशालकाय चट्टान (बोल्डर) चलती कार के ऊपर जा गिरी। इस खौफनाक हादसे में कार सवार दो पर्यटकों की मौके पर ही मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चालक समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से इलाके के पर्यटकों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
पंचाचूली के दर्शन कर लौट रहे थे पर्यटक, रास्ते में काल बनकर गिरी चट्टान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर के समय एक जीप (कार) में सवार होकर चार पर्यटक दारमा घाटी में पंचाचूली की खूबसूरत वादियों और चोटियों के दर्शन कर वापस धारचूला की तरफ लौट रहे थे। कार अभी ‘दर’ नामक इलाके के पास पहुंची ही थी कि अचानक पहाड़ी का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे कार की छत पर आ गिरा। पहाड़ी से गिरे इस भारी-भरकम बोल्डर का प्रहार इतना जबरदस्त था कि कार ताश के पत्तों की तरह पिचक गई और उसमें सवार पांचों लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। विशाल चट्टान के नीचे दबी कार के भीतर चीख-पुकार मच गई और दो लोगों ने तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सीमा सड़क संगठन (BRO) ने स्थानीय लोगों की मदद से चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
चट्टान गिरने की आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम भी बिना वक्त गंवाए भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई। बीआरओ के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने बेहद विषम परिस्थितियों में भारी मशक्कत करते हुए लोहे के कटर की मदद से कार के हिस्सों को काटा। कार के भीतर लहूलुहान हालत में फंसे तीन घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और तुरंत धारचूला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वहीं, पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घंटों बाधित रहा ट्रैफिक, चमोली में भी नदी में कार पलटने से हुआ था हादसा
इस भयानक लैंडस्लाइड के कारण दारमा घाटी मार्ग पर कई घंटों तक वाहनों के पहिए थमे रहे। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीआरओ की टीमों ने कड़ी मेहनत के बाद मलबे और क्षतिग्रस्त कार को हटाकर मार्ग को दोबारा सुचारू कराया।